घनश्याम का कुत्ता
कुछ दिन पहले हमारे एक मित्र ने बताया, कि आज उन्होंने एक अजीब वाकया देखा; एक रिक्शे के नीचे कुत्ता था. उन्हें लगा, कि कुत्ता रिक्शे के नीचे फँसा है और घिसटता चला जा रहा है. इस आशंका के चलते,... Read more
मुन्ना भाई एमबीबीएस ने दुनिया को जीना सिखा दिया
चिकित्सा-जगत में ये बात बड़ी शिद्दत से महसूस की जाती है कि, नब्ज देखने की परिपाटी अब लगभग विलुप्त सी होती जा रही है, जिसमें रोगी-नैदानिक- संबंधों में एक किस्म की ऊष्मा सी हुआ करती थी. आधा निद... Read more
फिल्म दिल्लगी(1978) में सट्ल ह्यूमर (Subtle humour) की श्रेष्ठ बानगी देखने को मिलती है. फिल्मकार ने, मानव- स्वभाव के सूक्ष्म मनोविज्ञान को गहरे से पकड़ा है. ऐसा प्रयोग बासु चटर्जी ही कर सकते... Read more
पड़ोसन: ऑल टाइम क्लासिक रोमांटिक कॉमेडी
किंवदंतियों के मामले में पड़ोसन (1968) शायद शोले के बाद दूसरे नंबर पर पड़ती होगी. हिंदी सिनेमा के इतिहास में यह फिल्म ऑल टाइम क्लासिक रोमांटिक कॉमेडी (Padosan: All Time Classic Romantic Come... Read more
कथाकार पंकज बिष्ट को इस वर्ष के राजकमल चौधरी स्मृति सम्मान (Rajkamal Chaudhari Memorial Award 2019) के लिए चुना गया है. कथा-उपन्यास के क्षेत्र में बिष्ट जी ने नए प्रयोग किए. साहित्य को उनका... Read more
किशोर कुमार की सदाबहार फिल्म चलती का नाम गाड़ी
हिंदी सिनेमा में सही मायने में अगर क्लासिक फिल्मों की बात की जाय, तो चलती का नाम गाड़ी (Chalti Ka Naam Gaadi) सभी मानदंडों पर खरी उतरती है. कहा तो यह भी जाता है कि, किशोर कुमार ने इस फिल्म क... Read more
ललित मोहन रयाल की नई किताब
कलुष पुंज कुंजर मृगराऊ [ललित मोहन रयाल (Lalit Mohan Rayal) कृत ‘अथश्री प्रयाग कथा’ के बहाने प्रयाग के ‘बहबूद के सामाँ’* की पड़ताल] -अमित श्रीवास्तव तुलसीदास जी कहते हैं हाथी के बराबर बड़े पापो... Read more
लीलाधर जगूड़ी को वर्ष-2018 का व्यास सम्मान
प्रसिद्ध कवि लीलाधर जगूड़ी जी को उनकी काव्य रचना ‘जितने लोग उतना प्रेम’ के लिए अखिल भारतीय बिड़ला फाउंडेशन का इस वर्ष का व्यास सम्मान दिया गया है. जगूड़ी जी की कविता, एक बने बनाए शिल्प और आजमा... Read more
वासु चटर्जी की फिल्म: चमेली की शादी
कुछ फिल्में दर्शकों को आज भी बेहद रोमांचित करती हैं. इस तथ्य पर गहनता से विचार करें कि, ऐसा क्यों होता है. क्यों यह फिल्म सोंधी सी लगती है? एक मोहल्ले की कॉमन सी प्रेम-कथा, किन तत्त्वों को ल... Read more
कुंदन शाह निर्देशित और एनएफडीसी निर्मित, यह फिल्म भ्रष्टाचार पर सीधी चोट करती है. सिस्टम, बिजनेसमैन और मीडिया के गठजोड़ पर तीखा व्यंग्य होने के बावजूद, यह फिल्म सरकारी मदद से बन सकी. एनएफडीस... Read more
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