भाभर की बिल्ली को पहाड़ ले जाने की एक याद
Posted By: Kafal Treeon:
बात वर्ष 1990-1992 की होगी जब बाबूजी के साथ पहली बार बाजपुर जाने का मौका मिला. मौका था छोटे दाज्यू (ताऊ जी के छोटे बेटे) की शादी में शामिल होने का. पहली बार अल्मोड़ा देखा था अल्मोड़े का बाजा... Read more
इस तरह बनती थी हमारे घरों की पाथर वाली छत
Posted By: Girish Lohanion:
उत्तराखंड में अब कुमाऊनी शैली के घर बनने लगभग बन्द हो गये हैं. दो दशक पहले तक गांवों में इस शैली के भवन बनते थे लेकिन अब गांव में भी सीमेंट सरिया वाले मकानों का बोलबाला है. कुमाऊनी शैली में... Read more
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