लछिमा कैंजा भूत बनकर अपने ससुराल वालों के घर गई
कैंजा दूसरे नंबर की थी. उसकी परवरिश कुछ उपेक्षा के साथ हुई थी. नाम था लछिमा. इजा कहती थी, वह मूरख थी, लाटी जैसी, मुझे वह बेहद खुबसूरत लगती थी. उसकी नाक विशुद्ध पहाड़ी थी. वह भोली थी लेकिन उनम... Read more
भारती कैंजा और पेड़ के साथ उनकी शादी
भारती कैंजा अपने भाई-बहिनों में सबसे छोटी है, लेकिन जीवट में सबसे बड़ी. वह कभी किसी से फालतू नहीं बोलती. जब वह आठ साल की रही होगी, अपनी बुआ के घर ढकाली गई हुई थी. (Memoir by Govind Singh) वहा... Read more
ओ ईजा! ओ मां! – पहाड़ की एक भीगी याद
बचपन से आज तक ईजा (मां) को कभी नहीं भूला. वह 1956 में विदा हो गई थी, जब मैं छठी कक्षा में पढ़ रहा था और ग्यारह साल का था. वह मेरी यादों में सदैव जीवित है. जब भी कठिन समय आया तो मुझे लगा मां म... Read more
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