पहाड़ में जीवन जीने का पर्याय है हाड़-तोड़ मेहनत. हाड़-तोड़ मेहनत पहाड़ के लोगों का आभूषण है जिसे यहां के लोक और परम्पराओं में बड़े सहज रूप से देखा जा सकता है. पहाड़ के रहवासियों के जीवन में यह हा... Read more
पिथौरागढ़ के दुतिया यानि भैया दूज की यादें
सत्तर के दशक तक पिथौरागढ़ में दुतिया बोले तो भाई दूज, अलौकिक त्यौहार होता था. गांव घर के लोग रक्षाबंधन भी भाई-बहिन से संबंधित त्यौहार होता है, जानते तक नहीं थे. शहरी लोग फिल्मों में देखा करत... Read more
‘जी रये जाग रये’ – भाई को च्यूड़े का टीका लगाने और आशीष देने का त्यौहार है आज
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया अर्थात दीवाली के दो दिन बाद भैया दूज या भाई दूज का त्यौहार मनाया जाता है. समूचे उत्तराखंड में भी इस त्यौहार की बड़ी मान्यता है. भाई बहन के प्रेम का प्रत... Read more
मीडिया व बाजार धीरे-धीरे हमारी विभिन्न लोक व उसकी संस्कृतियों को निगलते जा रहे हैं. और यह इतने धीरे से दबे पॉव हो रहा है कि हमें पता ही नहीं चल रहा है कि हम अपने “लोक” व उसकी संस... Read more
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