लॉकडाउन और घर वापसी – एक छोटी कहानी
– कहाँ जा रहे हो? Short Lockdown Story Umesh Tiwari Vishwas – घर वापस. – यहाँ क्या परेशानी है? – यहाँ खाने-पीने को नहीं मिल रहा है. – पैदल ही चले जाओगे? –... Read more
कॉमनसेंस बोले तो दुर्लभ विवेक
इधर जहाँ-तहाँ क़ानून पेले जा रहे हैं जिससे जन-जन में बड़ा कन्फ्यूजन हो गया है. PM का मानें, HM का, CJ का या CM का? ऐसी अवस्था में कॉमनसेंस का होना बहुत ज़रूरी है, वही माना जाए जो कॉमनसेंस से... Read more
स्मार्ट सिटी और नॉट सो स्मार्ट सिटीज़न
कमोबेश पिछले आधा दर्ज़न वर्षों से हम स्मार्ट सिटी का सपना देख रहे हैं. जिस तरह आदमी की हजामत बना, नए कपड़े-जूते पहना स्मार्ट बनाया जा सकता है, वैसा शहर के साथ नहीं किया जा सकता. थोड़ी देर को... Read more
स्वतः संज्ञान लेने की घड़ी
टाउन हॉल के बुर्ज़ पर एक घड़ी लगी है. घड़ी बहुत सुंदर है पर बिगड़ गई है. उसका घंटा भी झड़ गया है. समय नहीं बताती वह, फिर भी लोग उसे देखते हैं. देखने में ठीक ही लगती है, जैसी घड़ियां अमूमन हो... Read more
पर्वत पुत्र और हिल क्वीन
शस्यश्यामला देवभूमि की सड़क से साढ़े छत्तीस डिग्री का कोण बनाती सवारियों से लदी केमू की यह बस हल्द्वानी टेढ़ी पुलिया पर मेरे दाएं कंधे को फ्लाइंग भुक्की देती निकल गयी. दिमाग़ ने कहा लै फ़ोटो... Read more
परिया का नज़रिया
सफ़ाई और स्वास्थ संबंधी कुछ जागरूकतायें अपने परिया के अन्दर बचपन से ही कूट-कूट कर भरी पड़ी हैं. उनमें से एक है; पेशाब को कभी रोक कर नहीं रखना चाहिए. जब उसे ‘कछेरी’ में आई, तो उसने सी.जे.एम. को... Read more
निगम, दमुवाढूँगा और सुअर
विकासशील देश पालने में लेटे-लेटे लम्बे अरसे तक अमेरिका आदि देशों को ताकते रहते हैं. फिर विकास की घुट्टी पीकर धीरे-धीरे विकसित होते हैं. इनके विकास की पहली शर्त ये होती है कि ये देश हों, पाकि... Read more
नैनीताल में थियेटर का इतिहास करीब एक शताब्दी पुराना है और नैनीताल नगर ने लम्बे समय से रंगमंच के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई हुई है. ललित तिवारी, निर्मल पांडे, सुदर्शन जुयाल, सुनीता रजवार... Read more
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