फिर छलक उठे पहाड़वासियों के आंसू
Posted By: Kafal Treeon:
जो पहाड़ अपनी बेपनाह ख़ूबसूरती के लिए दुनिया-जहां से घूमने आए पर्यटकों के दिल में एक ख़ूबसूरत चाह बनकर बस जाते हैं, अपने ही लोग उन पहाड़ों से टूटे पत्थरों की तरह महानगरों की ओर छिटक-भटक कर क... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 109
Posted By: Kafal Treeon:
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
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