रात गहराने पर वह बास्केटबॉल लेकर सो जाता था
कुछ खिलाड़ी सचमुच अद्वितीय होते हैं, वे अपनी व्यक्तिगत शैली का इतना प्रभाव छोड़ते हैं कि खेल उनके आने के बाद पहले जैसा नहीं रह जाता. इधर के दशकों में हम क्रिकेट में सनत जयसूर्या का ज़िक्र कर सक... Read more
शताब्दी का खिलाड़ी
1984 में लास एन्जेल्स में हुए ओलिम्पिक खेल सिर्फ़ एक एथलीट की उपलब्धियों के लिये याद किये जाते हैं. कार्ल लुईस के हालिया प्रदर्शन ने सारे खेल-संसार में यह उम्मीद जगा दी थी कि वे 1936 के बर्लि... Read more
बिड़ला वाले बिष्टजी और गेठिया के भूत
बिष्ट गुरु जी नैनीताल के मेरे मशहूर रेजीडेंशियल स्कूल में हॉबी के पीरियड्स के दौरान बच्चों को अपनी वर्कशॉप में मैटलवर्क सिखाया करते थे. क्लासरूम में प्रायः किसी अध्यापक के छुट्टी में गए होने... Read more
फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट से रीयूनियन तक
पुराने मास्टरों और साथ पढ़ चुकी लड़कियों को जिस तरह और जितना इस युग में याद किया जा रहा है वैसा मानव-सभ्यता के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. पैंतीस-चालीस से लेकर पैंसठ-सत्तर के लोगों के बीच फे... Read more
काने तिवाड़ी के धान – एक फसक
काने तिवाड़ी के धान – अशोक पाण्डे हमारे इधर पहाड़ों में तिवारी लोग तिवाड़ी कहे जाते हैं. गगास नदी के किनारे बसे एक गाँव में एक किसी तिवाड़ी का घर था. तिवाड़ी काना था यानी उसकी एक आँख फूटी ह... Read more
कुमाऊँ का छोलिया नृत्य
कुमाऊं का सबसे जाना-माना लोक नृत्य है छोलिया. इस विधा में छोलिया नर्तक टोली बनाकर नृत्य करते हैं. माना जाता है कि नृत्य की यह परम्परा एक से दो हज़ार वर्ष पुरानी है. नर्तकों की वेशभूषा और उनके... Read more
कब तक मुझ से प्यार करोगे? कब तक? जब तक मेरे रहम से बच्चे की तख़्लीक़ का ख़ून बहेगा जब तक मेरा रंग है ताज़ा जब तक मेरा अंग तना है पर इस के आगे भी तो कुछ है वो सब क्या है किसे पता है वहीं की ए... Read more
भारत सरकार ने 1994 में उनकी फोटू वाला एक डाक टिकट जारी किया और नामकरण किये जाने से छूट गईं एकाध सड़कों के नाम उनके नाम पर रख दिए. उत्तराखंड बनने के बाद जब राज्य सरकार को अपने स्थानीय नायकों... Read more
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