अल्मोड़ा से छः किलोमीटर दूर कसारदेवी पिछले पांच दशकों से अधिक समय से दुनिया भर के यात्रियों-संगीतकारों-दार्शनिकों-अध्येताओं और साहित्यकारों को आकर्षित करता रहा है. 1960 के हिप्पी आंदोलन के द... Read more
उस दोपहर जब मीना से हमारी पहली मुलाक़ात हुई तो वह धान की पौधों का गठ्ठर टोकरी में लादे नंगे पैर सीढ़ीदार खेतों की ढलान पर उतर रही थी. उसकी वेशभूषा की स्थित बता रही थी कि वह सुबह से काम कर रह... Read more
स्वतंत्रता आन्दोलन में उत्तराखण्ड की महिलाएं
उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक सांस्कृतिक परिस्थितियां होने के कारण यहां की महिलाएं देश के अन्य भागों की महिलाओं की तुलना में अधिकतः कृषि कार्यों में जुड़ी रही हैं. परम्परागत रूप से पहाड़ों की... Read more
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