उत्तराखण्ड में सेल्फी टूरिज्म से बढ़ते खतरे
उत्तराखण्ड में पर्यटकों के आने की संख्या इस साल अच्छी खासी है. इससे पर्यटन कारोबारियों के चेहरों में रौनक आना भी स्वाभाविक है. चारधाम यात्रा में आने वाले यात्रियों का आंकड़ा इस साल 2013 की प... Read more
उत्तराखण्ड की नमकवाली का मशहूर पिस्यूं लूण
देश दुनिया के लोगों ने देखा होगा केवल सफ़ेद नमक. लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ों में रहने वाले लोगों ने नमक का एक स्वादिष्ट रूप जरुर देखा होगा जिसे स्थनीय भाषा में पिस्यूं लूण कहते हैं. आज मिलिये उ... Read more
कुमाऊंनी गीतों में जब एकबार बाजारूपन आना शुरु हुआ फिर वह कभी खत्म नहीं हुआ. गीतों के नाम पर फूहड़ता और संगीत के नाम पर ऑटोटोन आज भी कुमाऊंनी गीतों में जारी है. निराशा के इस माहौल के बावजूद कु... Read more
13 दिनों से किताबों और शिक्षकों के लिये आन्दोलन कर रहे हैं पिथौरागढ़ के युवा
भारत और नेपाल की सीमा पर एक छोटा सा जिला है पिथौरागढ़. इस जिले की सीमा नेपाल और चीन दोनों से लगती है. इस जिले के मुख्यालय में सत्तर के दशक में बना एक डिग्री कालेज है जिससे पास होकर न जाने कित... Read more
हम सब अपने आमा-बुबुओं के अपराधी हैं
ज्यादातर भारतीय घरों में बूढ़े-बुजुर्गों का सम्मान नहीं किया जाता. सम्मान तो छोड़ो उन्हें 2 वक़्त का भोजन तक इंसानी गरिमा के साथ नसीब नहीं होता. बूढों के नाम संपत्ति होने पर उनसे छल-छद्म कर... Read more
अक्सर बच्चे जब घूमने जाते हैं तो वह रोमांचकारी स्थानों पर बहुत खतरनाक स्थिति तक जाकर सेल्फी लेते हैं और अपने आप को अपने ग्रुप में कुछ अलग ही जिंदादिल साबित करते हैं. दुस्साहस की यह कोशिशें क... Read more
दिल्ली, मुम्बई, हल्द्वानी देहरादून और न जाने कितने महानगरों और बड़े नगरों में गर्मियों की छुट्टी खत्म होने को है. इन शहरों में स्कूलों की छुट्टी खत्म होने की वजह से महीने भर से बच्चों की आवा... Read more
पौड़ी के डीएम धीराज गर्ब्याल की पहल पर पांचवीं कक्षा तक गढ़वाली पाठ्यक्रम तैयार
पौड़ी गढ़वाल के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की मुहिम रंग लायी और विषय विशेषज्ञों ने पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए गढ़वाली पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है. कल गढ़वाल कमिश्नरी के 50 वर्... Read more
स्वच्छ भारत अभियान के लिए कुछ कूड़ा बिखेरकर उसे साफ़ करते हुए फोटो खिंचवाने वाले नेता तो बहुत देखे होंगे. आज मिलिए एक सच्चे जनप्रतिनिधि से जो अपने क्षेत्र में जरूरत पड़ने पर कूड़ा गाड़ी चलान... Read more
शादी में आये मेहमानों का मल बह रहा है औली में
यह तो होना ही था! उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने और सरकार की आय में बढ़ोत्तरी करने के नाम पर अब विख्यात हो चुकी जिस शादी के लिए औली के बुग्याल को किराए पर चढ़ा दिया गया था, वहां अब उसके... Read more
Popular Posts
- एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता
- बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान
- शकटाल का प्रतिशोध
- बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है
- जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि
- आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’
- द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा
- हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता
- पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया
- कुमाऊँ की खड़ी होली
- आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव
- फूल, तितली और बचपन
- पर्वतीय विकास – क्या समस्या संसाधन की नहीं शासन उपेक्षा की रही?
- अनूठी शान है कुमाऊनी महिला होली की
- धरती की 26 सेकंड वाली धड़कन: लोककथा और विज्ञान का अद्भुत संगम
- कथा दो नंदों की
- इस बदलते मौसम में दो पहाड़ी रेसिपी
- अल्मोड़े की लखौरी मिर्च
- एक गुरु की मूर्खता
- अगर आपके घर में बढ़ते बच्चे हैं तो जरूर पढ़ें एकलव्य प्रकाशन की किताबें
- प्रेम में ‘अपर्णा’ होना
- यह सिस्टम बचाता है स्विट्ज़रलैंड के पहाड़वासियों को आपदा से
- 10 डिग्री की ठंड में फुटबॉल का जोश : फोटो निबन्ध
- क्या हमें कभी मिलेंगे वो फल जो ट्रेल ने कुमाऊं में खाए?
- प्रबल प्रयास की चाह में सिडकुल और उपजी विषमता
