वनवासियों की व्यथा- समाधान की चिंता
वनवासियों की व्यथा का यह अंतिम हिस्सा है. इस हिस्से में फरवरी माह से हुये नवीनतम घटनाक्रम वर्णित है. इस मामले में अभी भी सुप्रीम कोर्ट में कारवाई चल रही है जिसपर आगे भी लेख प्रकाशित किये जाय... Read more
वनवासियों की व्यथा : समाधान अनुत्तरित
पिछली क़िस्त वनवासियों की व्यथा : बेदखली वन संरक्षण कानून बनने तक आदिवासियों को अतिक्रमण करने वाले या अवैधानिक रूप से कब्जा करने वालों के रूप में देखा जाता था पर इस नए कानून ने उन्हें उनके कब... Read more
वनवासियों की व्यथा : बेदखली
लेख का पिछ्ला हिस्सा यहां देखें : वनवासियों की व्यथा अनुसूचित जनजातियां व घुमंतु वनवासी प्रकृति के साथ अनुकूल-समायोजन कर विकट दुरुह परिस्थितियों में पुश्त-दर-पुश्त वनों से अपना जीवन यापन करत... Read more
वनवासियों की व्यथा
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सोलह राज्यों के 11.8 लाख वनवासियों की दावेदारी को ख़ारिज कर दिया था. देश की 15 प्रतिशत भूमि पर रहने वाले इन वनवासियों की मांग पर भारतीय आमचुनाव की तैयारी की राजनीत... Read more
Popular Posts
- कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा
- बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार
- आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”
- भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्
- उत्तराखण्ड के सरोवर
- दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध
- सिंधुजा की कविता : स्मृति यात्रा
- पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल
- घी संक्रान्ति का लोक विज्ञान
- दुनिया ने अपनाया और अपनों ने भुलाया : जन्मदिन विशेष
- गलगोटिया वाला कॉपी नहीं, असली नवाचार है अल्मोड़ा के रवि टम्टा का ड्रोन
- लोक गायिकाओं का समृद्ध इतिहास रहा है पहाड़ो में
- कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से जनआंदोलन तक
- उत्तराखण्ड में वन्य-जीवों का आतंक
- उनके बारे में जो सिर्फ नाम नहीं जीवन हैं
- उत्तराखण्ड के आयुष के हाथ में दिल्ली की रणजी टीम की कमान
- उत्तराखण्ड की उन्नति शर्मा ने देश का गौरव बढ़ाया, कॉमनवेल्थ -26 में जीता कांस्य
- बचपन से छीन ली गई बचपन की तस्वीर
- खसों पर हुए वैज्ञानिक अध्ययन
- वह माला के गेट पर सुबह-शाम पहरा देते मिलता
- पहाड़ो में भूस्खलन
- जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई
- हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी
- हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब
- 28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई
