झंगोरा: पहाड़ का पारंपरिक व पौष्टिक अनाज
विभिन्न नामों से जाना जाता है झंगोरा उत्तराखण्ड में झंगोरा (Jhangora) नाम से पहचाने जाने वाले अनाज का वानस्पतिक नाम इकनिक्लोवा फ्रूमेन्टेंसी (Echinochloa frumentacea) है. अंग्रेजी में इसे इं... Read more
उत्तराखण्ड का लुप्तप्रायः वाद्य बिणाई
लोक संगीत व लोक वाद्य Read the post in English लोक संगीत किसी भी स्थान विशेष के लोक की संगीतमय अभिव्यक्ति है. थोड़ा गौर करने पर हम पाते हैं कि लोकसंगीत की लय-ताल और उसमें प्रयुक्त होने वाले व... Read more
उत्तराखण्ड का लोकपर्व उत्तरायणी
उत्तराखण्ड (Uttarakhand) का लोक पर्व उत्तरायणी अब करीब ही है. इस मौके पर होने वाले मेले सज चुके हैं और कुछ की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. मकर संक्रान्ति का त्यौहार उत्तराखण्ड में उत्तरायणी,... Read more
मडुआ: एक पहाड़ी अनाज का फर्श से अर्श तक का सफर
मडुआ, मंडुआ, क्वादु और कोदा नाम से पहचाने जाने वाले अनाज को लम्बे समय तक उत्तराखण्ड में वह सम्मान नहीं मिल पाया है जिसका कि वह हकदार था. मडुआ को हमेशा से निचली समझी जाने वाली जातियों और गरीब... Read more
गंदरायण: अंतर्राष्ट्रीय ठसक वाला पहाड़ी मसाला
गंदरायण, गंदरायणी, गंदरायन या छिप्पी नामों से जाना जाने वाला हिमालयी मसाला ठेठ पहाड़ी खान-पान का अहम मसाला है. राजमा, झोई (कढ़ी) और गहत, अरहर व भट के डुबके (फाणु) में इसका दखल व्यंजन की खुश्बू... Read more
घोड़ाखाल: धार्मिक आस्था और सैन्य शिक्षा का केंद्र
उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के नैनीताल जिले का एक छोटा सा क़स्बा है भवाली. यह क़स्बा समुद्र तल से 1,654 मीटर की उंचाई पर बसा है. भवाली कुमाऊँ मंडल का एक महत्वपूर्ण क़स्बा है. यह कुमाऊँ की सबसे बड़... Read more
एक चुटकी जखिया में बसा स्वाद और खुश्बू का समंदर
अगर आप पहाड़ में हैं और किसी भी साग-सब्जी को खाने के दौरान दांतों के बीच आकर कुछ बारीक, करारे दाने आपके मुंह में रूहानी महक भरा स्वाद घोल दें. अब यह महक जीभ के जायके में घुलकर आपके दिलो-दिमाग... Read more
जम्बू: उच्च हिमालयी क्षेत्रों का दिव्य मसाला
भारतीय खान-पान की परंपरा में मसालों की महत्वपूर्ण भूमिका है. अपने खाने में मसालों के इस्तेमाल से भारतीय रसोई में प्राकृतिक अनाज, सब्जियों और दालों का कायापलट कर दिया जाता है. सामान्य भारतीय... Read more
एक चमत्कारी पौधा सिसूण, कनाली उर्फ़ बिच्छू घास
मेरे बचपन की सुनहरी यादों में से कई गर्मियों के सालाना प्रवास से जुड़ी हैं. उन दिनों सभी प्रवासियों के लिए गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवार को गाँव भेजा जाना जरूरी हुआ करता था. पुश्तैनी... Read more
स्वाद और सेहत का संगम है गहत की दाल
पहाड़ के खाने में शरीर की जरूरत के लिए पर्याप्त ऊर्जा और पोषण के साथ-साथ मौसम का भी विशेष ध्यान रखा गया है. अपने अनुभव से हमारे पूर्वजों द्वारा गर्मियों के लिए तय किया गया भोजन ठंडी तासीर वाल... Read more
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