सेम मुखेम, गंगू रमौल और सिदुआ-बिदुआ की कथा
उत्तरकाशी का टकनौर परगना जो जान्हवीं औरभागीरथी नदियों का जलागम प्रदेश रहा. वारागड़ी पट्टी इलाके तक फैला. साथ ही जिसमें कठूड़ पट्टी भी शामिल थी और प्रताप नगर भी. पहाड़ के इस अधिपति की बा... Read more
सेम मुखेम गांव के पहाड़ों की आवाज
टिहरी गढ़वाल प्रतापनगर तहसील के सेम मुखेम गांव की कहानी जो पलायन के चलते आधे से ज्यादा खाली हो गया है, और हो रहा है. अगर पहाड़ बोल पाते तो वो कुछ इस तरह बोलते : इस बार फिर मंगशीर (नवंबर) आये... Read more
गंगू रमौल और सेम मुखेम के नागराजा श्रीकृष्ण
गढ़वाल की प्रचलित लोकगाथाओं के अनुसार गंगू रमौल टिहरी जनपद में स्थित सेम-मुखीम क्षेत्र के मौल्यागढ़ (रमोलगढ़) का रहनेवाला एक नागवंशी सामंत था. इसका सम्बन्ध भगवान् श्रीकृष्ण से जोड़ा जाता है जिसक... Read more
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