ॐ अग्नये स्वाहा, इदं अग्नये इदं न मम
उनके जैसा ज्वलनशील व्यक्ति मिलना मुश्किल था. लोग कहते हैं कि उनके माथे पर लिख दिया जाना चाहिये था- अत्यंत ज्वलनशील, दूरी बनाए रखें. थोड़े-बहुत ज्वलनशील तो हम सभी होते हैं, वे अत्यंत ज्वलनशील... Read more
संगठित लेखक प्रकाशकों पर भारी पड़ते हैं
हालत पाठकों की भी कुछ कम ख़राब नहीं थी. शर्मा जी के बारे में पता चला कि पुस्तक मेले से लौट कर उन्हें साँस लेने में तकलीफ़ है, तो मैं देखने चला गया. (Satire by Priy Abhishek) बिस्तर पर लेटे-ल... Read more
मदन जी पूरी रात नहीं सोए. और करवट भी नहीं बदल पाए. एक तरफ़ कनक भूधराकार सरीरा उनकी पत्नी सो रही थीं. जो समर भयंकर अति बलबीरा भी थीं. जिनके खर्राटे उनके हृदय में रणभेरी जैसी धमक पैदा कर रहे थ... Read more
ठेसबुक में लाठी, कट्टे, तमंचे के प्रवेश की व्यवस्था हेतु मारक जोकर बर्ग के नाम प्रार्थना पत्र
सेवा में, श्रीमान मारक जोकर बर्ग जी मुख्य अभियंता ... Read more
बात सन दो हज़ार पचास की
बात सन दो हज़ार पचास की है. ये वो समय था जब युवा विभिन्न वीडियो साइट्स पर डालने के लिये अपने वीडियो बनाते रहते थे,और फुर्सत मिलते ही फुलकी/पानीपूरी, मोमोज़ का ठेला लगा लेते थे. बाकी अधिकांश... Read more
लोकतंत्र में सबसे बड़ा मत ध्वनि मत है
बहस बहुत देर से चल रही थी. कोई किसी निर्णय तक नहीं पहुँच पा रहा था. प्रश्न ऐसा था जिससे पूरे मोहल्ले का भविष्य तय होना था. चर्चा वहाँ पहुँच चुकी थी जहाँ से आगे एक बंद गली थी. मोहल्ले के आधे... Read more
बहुत दिनों बाद रक्षा बंधन की छुट्टियों में भोगीलाल जी से मिलना हुआ. चर्चा चल निकली. मैंने कहा कि ये तो गज़ब है ! एक कम्पनी ने पहले फ्री सिम बांटे, फिर फ्री फोन कॉल और फ्री इंटरनेट दिया. अब स... Read more
पूँजीपुर रेलवे स्टेशन पर क्रांति एक्सप्रेस
पूँजीपुर के रेलवे स्टेशन पर क्रांति एक्सप्रेस के यात्री अपनी ट्रेन की प्रतीक्षा में खड़े थे. सभी ने पूँजीपुर के बाज़ार से मोबाइल फ़ोन खरीदे थे, जिसमें ट्रेन की वास्तविक स्थिति बताने वा... Read more
बी-थ्री के डिब्बे में मायाविनी की मोहिनी माया
मोहिनी सुंदर है. मोहिनी सुभग है. वह आज रेल के डिब्बे में सवार है. डिब्बा वातानुकूलित है. मोहिनी नवयौवना है. नवविवाहिता है. उसके आभूषण कभी तीनताल तो कभी झपताल में मधुर संगीत उत्पन्न कर रहे है... Read more
एक समय की बात है प्रभास क्षेत्र में मल्लिका नामक राज्य था, जिसकी राजधानी विराट नगर थी. यहाँ मल्लिका के पुष्प बहुतायत में होते थे. निरंतर मल्लिका के पुष्पों से सुवासित रहने के कारण ही इस राज्... Read more
Popular Posts
- बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है
- जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि
- आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’
- द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा
- हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता
- पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया
- कुमाऊँ की खड़ी होली
- आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव
- फूल, तितली और बचपन
- पर्वतीय विकास – क्या समस्या संसाधन की नहीं शासन उपेक्षा की रही?
- अनूठी शान है कुमाऊनी महिला होली की
- धरती की 26 सेकंड वाली धड़कन: लोककथा और विज्ञान का अद्भुत संगम
- कथा दो नंदों की
- इस बदलते मौसम में दो पहाड़ी रेसिपी
- अल्मोड़े की लखौरी मिर्च
- एक गुरु की मूर्खता
- अगर आपके घर में बढ़ते बच्चे हैं तो जरूर पढ़ें एकलव्य प्रकाशन की किताबें
- प्रेम में ‘अपर्णा’ होना
- यह सिस्टम बचाता है स्विट्ज़रलैंड के पहाड़वासियों को आपदा से
- 10 डिग्री की ठंड में फुटबॉल का जोश : फोटो निबन्ध
- क्या हमें कभी मिलेंगे वो फल जो ट्रेल ने कुमाऊं में खाए?
- प्रबल प्रयास की चाह में सिडकुल और उपजी विषमता
- बर्फ ही नहीं हरियाली भी गायब हो रही है हिमालयी इलाकों से
- उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास
- उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर
