देश का कपाल गृह नक्षत्रों की चाल
गैरीगुरु की पालिटिकल इकानोमी : अथ चुनाव प्रसंग-6 पिछली कड़ी : उठती है हर निगाह खरीदार की तरह स्वस्ति श्री सर्वोपमा योग्य श्री ३ चेले गिरिजा नामधारी गैरीगुरु आशीष पहुंचे. अत्र कुशलम तत्रास्तु.... Read more
लोकतंत्र के पहरुवे
गैरीगुरु की पालिटिकल इकानोमी : अथ चुनाव प्रसंग-4 पिछली कड़ी- घोषणा पत्रों में चरम सुख बाजार की उथल-पुथल भरी खबर को खंगालते गली मोहल्ले में बीते महीने से बढ़ गई हलचल को मथते गैरी गुरु का मन लोक... Read more
घोषणा पत्रों में चरम सुख
गैरीगुरु की पालिटिकल इकानोमी : अथ चुनाव प्रसंग-3 पिछली कड़ी- गुलदाढू से सावधान भोंकता कम काटता ज्यादा है शस्य श्यामला धरती में किसानों की मेहनत फल फूल रही हैं. गोठ-भकार-खेत खलिहान अन्न से भरे... Read more
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