सभी की अपनी चुनौतियां है और सभी के अपने संघर्ष. पर कुछ संघर्ष विरले होते हैं. कठिनतम से भी कठिन. पिछले कुछ समय में पत्र-पत्रिकाओं, टेलीविज़न, मोबाइल पर अनेक लोगों के साक्षात्कार या उनके जीवनव... Read more
हनुमान चौराहे का प्रेमालाप
ग्वालियर शहर की एक पुरानी सड़क, जिसका नाम नई सड़क था, के एक प्रसिद्ध चौराहे पर वो उसका इंतज़ार कर रहा था. इसे संयोग कहें या विडम्बना; उस चौराहे का नाम हनुमान चौराहा था. शायद ये कलयुग के घोर से... Read more
यह लेख अटैची के बारे में नहीं है
आज प्रातः समाचार मिला कि एक मित्र की नियुक्ति उप निदेशक के पद पर हो गई है. मित्र की नियुक्ति के इस समाचार से प्रसन्नता होनी चाहिये थी ,पर मुझे आश्चर्य अधिक हुआ. मुझे लगता है कि वो इस पद के अ... Read more
शेर और गधे की उत्तर आधुनिक लोककथा
एक शेर था, जिसका नाम था -गधा. कभी-कभी उसे ‘ऐ गधे!’ करके भी पुकारा जाता था. एक बार वो जंगल में शिकार पर निकला. उसे हिरन बहुत पसंद थे. उनका माँस बहुत नरम और स्वादिष्ट होता था, और उ... Read more
केओ कार्पिन के संग मौत का खेल
केओ कार्पिन के संग मौत का खेल – प्रिय अभिषेक कुछ चीज़ें ज़िन्दगी में किसी धूमकेतु की तरह आती हैं. आती हैं ,कुछ पल साथ रहती हैं और यकायक गायब हो जाती हैं. व्यक्ति के स्तर पर कोई खिलौना, व... Read more
मॉल चलो भई मॉल चलो: नए बखत का शहरी गाना
चिंटू –चिन्नी, पापा –मम्मी साथ में उनके बाबा–ईजा तोंद–पोंद से लटक रहे थे जाने कितने बर्गर–पीजा हफ्ते भर की भूख मिटाने और टापने छूट का माल महँगी सी गाड़ी में ठुंस के आ पहुँचे थे शॉपिंग मॉल ऑडी... Read more
सारे रोगों का इलाज हुआ करती थी लाल दवाई की शीशी
पहले हमारे गाँव में लाल दवाई मिलती थी. और गाँव ही क्या पूरे मुल्क में चला करती थी यह लाल दवाई. चाचा नेहरू से लेकर चचा जान तक सब दीवाने थे इसके. आजकल के पूंजी के बच्चे क्या जाने ये सब. पता नह... Read more
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