कल है फूलदेई
पहाड़ के लोग अपनी विशिष्ट संस्कृति के लिये जाने जाते हैं, जाने जाते हैं प्रकृति से अपने प्रेम के लिये. उत्तराखंड के लोग प्रकृति की गोद में पलते और बढ़ते हैं सो उनके जीवन में प्रकृति का हर रंग... Read more
द्वार पूजा का पर्व भी है फूलदेई
उत्तराखण्डियों का बालपर्व – फूलदेई सनातनी संस्कृति में घर का द्वार केवल घर में प्रवेश करने का रास्ता न होकर वन्दनीय पूजनीय माना जाता है. घर बनाते समय द्वार की दिशा का निर्धारण वास्तुशा... Read more
बसंत के इस्तकबाल का त्यौहार है फूलदेई
ऋतुराज बसंत का स्वागत उत्तराखण्ड को देवभूमि के साथ उत्सवों की भी भूमि कहा जाय तो गलत नहीं होगा. यहाँ साल भर उत्सव, पर्व, त्यौहार, मेलों की धूम रहती है. बसंत के आगमन का स्वागत भी उत्तराखण्ड )... Read more
बसंत पंचमी से प्रारम्भ बसंत मैदानी क्षेत्र में होली के साथ विदा ले लेता है पर पहाड़ में ये बैसाखी तक अपने पूरे ठाठ में देखा जा सकता है. मैदानी बसंत के प्रतीक-पुष्प टेसू, ढाक, कचनार, सरसों पह... Read more
कल है फूलदेई का त्यौहार
फूलदेई, छम्मा देई,दैंणी द्वार, भर भकार,य देई में हो, खुशी अपार,जुतक देला, उतुक पाला,य देई कैं, बारम्बार नमस्कार.फूलदेई, छम्मा देई. Phooldei 2020 उत्तराखंड में रहने वालों के लिये यह गीत नहीं... Read more
एक कुमाऊनी गाँव में आज की फूलदेई – फोटो निबंध
आज थी फूलदेई उत्तराखंड के पहाड़ों में आज फूलदेई मनाई गयी. फूलदेई वसंत के आगमन पर व्यक्त की जाने वाली प्रसन्नता का उत्सव है. यह समय शीत की सिहरन से बाहर निकल कर धूप के स्वागत और फूलों के पल्लव... Read more
बसंत के इस्तकबाल का त्यौहार है फूलदेई
ऋतुराज बसंत का स्वागत उत्तराखण्ड को देवभूमि के साथ उत्सवों की भी भूमि कहा जाय तो गलत नहीं होगा. यहाँ साल भर उत्सव, पर्व, त्यौहार, मेलों की धूम रहती है. बसंत के आगमन का स्वागत भी उत्तराखण्ड (... Read more
फूलदेई से पहले खिलते हैं प्योंली के फूल
आसमान को छेदती, नुकीली ऊँची-ऊँची बर्फीली चोटियों की तलहटी में देवदार,भोज और रिंगाल के हरे-भरे सघन जंगलों के बीच एक गहरे अनछुये उड्यार (गुफा) में कच्ची हल्दी के साथ गुलाबी बुरांस-सी रंगत वाली... Read more
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