आब ओढ़ तै चशमः पहाड़ी बुबू की हाज़िर जवाबी
Posted By: Kafal Treeon:
परकास दिल्ली की एक कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम करने लगा था. परिवार चंपावत के लोहाघाट में ही रहता था और परकास पिछले कुछ सालों से अकेला दिल्ली में. ईजा-बाबू ने परकास की अकेली ज़िंदगी के पहि... Read more
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