खट्टी चटनी जैसी माँ
खट्टी चटनी जैसी माँ बेसन की सोंधी रोटी परखट्टी चटनी जैसी माँ याद आती है चौका-बासनचिमटा फुकनी जैसी माँ बाँस की खुर्री खाट के ऊपरहर आहट पर कान धरे आधी सोई आधी जागीथकी दोपहरी जैसी माँ चिड़ियों... Read more
ग़ज़ल का सुनने का शौक़ हो और आपने जगजीत सिंह का नाम न सुना हो ऐसा मुमकिन नहीं. 8 फरवरी 1941 में जन्मे जगजीत सिंह के मन में यह लक्ष्य स्पष्ट था कि रिवायती अंदाज़ से हट कर कुछ नया नहीं किया गय... Read more
आई ज़ंजीर की झनकार ख़ुदा ख़ैर करे
दुनिया में कामयाबी के लिए काबिलियत होना जितना जरुरी है उतना ही जरुरी किस्मत का होना भी है. कभी-कभी जिंदगी कितना हैरान करती है! किसी को पूरी जिंदगी मेहनत करने के बाद भी वो मक़ाम हासिल नहीं होत... Read more
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