जंग बहादुर: एक मेहनतकश पहाड़ी डोटियाल की कहानी
बादामी रंग के पुराने कागज के टुकड़े पर लिखी हुई रसीद उंगलियों में थामे हुए, जब मैं कुलियों के चित्रगुप्त अर्थात ठेकेदार की ओर से मुंह फेरकर बाहर बुझने से पहले जल उठने वाले दीपक-जैसी संध्या क... Read more
दुर्दशा का शिकार महादेवी वर्मा सृजन पीठ
मेरे पास अनेक संदेश आ रहे हैं कि क्या महादेवी वर्मा सृजन पीठ बंद हो गयी है? उसे किसने बंद किया और क्यों किया? क्या यह एक सरकारी संस्था थी? क्या इसका कोई स्वायत्त ढांचा था? मेरा इस संस्था के... Read more
महादेवी वर्मा हिन्दी साहित्य के महत्वपूर्ण छायावादी आन्दोलन के चार बड़े नामों में से एक थीं. इस समूह में उनके अलावा जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पन्त और महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ थे... Read more
महादेवी वर्मा का उत्तराखण्ड प्रेम
(महादेवी वर्मा : 26 मार्च 1907 — 11 सितम्बर 1987) हमेशा श्वेत वस्त्र धारण करने, आजीवन सख्त तखत पर सोने और जीवन भर आईना नहीं देखने वाली. हिंदी की महान छायावादी साहित्यकार महादेवी वर्मा... Read more
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