कहानी : नदी की उँगलियों के निशान
Posted By: Sudhir Kumaron:
नदी की उंगलियों के निशान हमारी पीठ पर थे. हमारे पीछे दौड़ रहा मगरमच्छ जबड़ा खोले निगलने को आतुर! बेतहाशा दौड़ रही पृथ्वी के ओर-छोर हम दो छोटी लड़कियाँ. मौत के कितने चेहरे होते हैं अनुभव किया... Read more
कहानी : ‘वह भूखी और गन्दी लड़की’
Posted By: Sudhir Kumaron:
पहली नजर में मैंने उसे पहचाना ही नहीं, पहचानती भी कैसे उसकी तब्दीली की तो सपने में भी कल्पना नहीं कर सकती थी मैं, वैसे भी कल्पना करने की जरूरत ही नहीं थी. उसे तो तभी मैं अपनी स्मृति की कन्दर... Read more
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