कत्यूरी राजवंश ने उत्तराखण्ड पर लगभग तीन शताब्दियों तक एकछत्र राज किया. कत्यूरी राजवंश की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसने अजेय मानी जाने वाली मगध की विजयवाहिनी को घुटने टेक... Read more
कत्यूर: उत्तराखण्ड का सबसे वैभवशाली साम्राज्य
उत्तराखण्ड के कुमाऊं मंडल के जिला बागेश्वर में गोमती और सरयू नदी के बीच फैली घाटी को कत्यूर घाटी के नाम से जाना जाता है. यह घाटी 142 वर्ग किमी के इलाके को खुद में समेटती है, इसमें 189 गाँव श... Read more
अस्कोट उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मण्डल के पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट तहसील का एक परगना है. पिथौरागढ़ से अस्कोट की दूरी लगभग 52 किमी है और बागेश्वर से 125 किमी, बेड़ीनाग यहाँ से 61 किमी की दूरी पर है.... Read more
ऐतिहासिक स्याल्दे बिखौती मेले की तस्वीरें
स्याल्दे बिखौती मेले का आयोजन शुरू हो चुका है. आल, नौज्यूल, गरख धड़े के थोकदार और प्रधान नगाड़े, निशानों, ढाल, तलवारों के साथ वीर रस की हुंकार भरते हुए युद्ध कला की बारीकियां दिखाने को पूरी... Read more
स्याल्दे बिखौती मेला आज से शुरू
पाली पछाऊँ की सांस्कृतिक विरासत उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति की धरोहर द्वाराहाट का स्याल्दे बिखौती का मेला पाली पछाऊँ में आयोजित होता है. चैत्र मास की अन्तिम रात्रि ‘विषुवत्’ संक्रान्ति की रात... Read more
तीलू रौतेली की दास्तान: जन्मदिन विशेष
मध्यकाल में गढ़वाल के पूर्वी सीमान्त के गांवों पर कुमाऊं की पश्चिमी उपत्यकाओं पर बसे कैंतुरा (कत्यूरा) लोग निरंतर छापा मार कर लूटपाट करते रहते थे. अनुमान किया जाता है कि उस काल में गढ़राज्य... Read more
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