कहते हैं कि हल्द्वानी के इस गांव में कई लोगों को हल चलाते हुए अशर्फियां मिली
गौला पार में कालीचौड़ का मंदिर भी पुरातत्विक महत्त्व का है किन्तु इस सम्बन्ध में अभी तक खोज नहीं की जा सकी है. कहा जाता है कि बिजेपुर गाँव में राजा विजयचंद की गढ़ी थी. उसके निकट ही कालीदेव क... Read more
भारत के नेता स्पोर्ट्समैन नहीं होते और बाघों का अपना कोई वोट नहीं होता – जिम कॉर्बेट
जेम्स एडवर्ड कॉर्बेट को ‘पक्का’ साहब नहीं कहा जा सकता था क्योंकि उन्होंने मैट्रिक नहीं किया था और उन्हें सेना में वह कमीशन नहीं मिला जो गोरों के लिए आरक्षित था. उन्होंने बंगाल की उत्तर-पश्चि... Read more
किसी भी शहर के सांस्कृतिक चरित्र की पहचान इस बात से होती है कि उसमें सलीके की किताबों की कितनी दुकानें हैं. बावजूद इसके कि नैनीताल में ऐसी तीन ठीकठाक दुकानें हैं जिन्हें मैं अपने बचपन से देख... Read more
उत्तराखण्ड के जनप्रिय पीर उत्तराखण्ड में कालू सैयद बाबा के मंदिर कई जगह मिल जाते हैं. हल्द्वानी और इसके आसपास के इलाके में कालू सैयद बाबा के कई मंदिर हैं. हल्द्वानी कालाढूंगी चौराहे पर कालू... Read more
कालाढूंगी : नैनीताल का एक छोटा सा कस्बा
कालाढूंगी नैनीताल जिले का एक छोटा सा शहर है जो कि पर्यावरणविद और शिकारी जिम कार्बेट के घर के कारण काफी लोकप्रिय है. जिम कार्बेट ने अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा कालाढूंगी से 2 किमी पश्चिम की ओ... Read more
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