जौनसार: जहां देवता आज भी चलते फिरते हैं
शिवालिक की सुरम्य पहाड़ियों में प्रकृति ने अनूठे रंग भरे हैं. यहाँ का जन जीवन भी विविधता से भरा है तो आद्य शक्ति के रहस्यों की गाथाओं का केंद्र भी. इनमें उत्तराखंड के साथ हिमाचल... Read more
सरकारी स्कूल के बच्चों और शिक्षा की बात चलती है तो साधारण रूप से मन में शिक्षा में पिछड़े, उद्दंड बच्चों की छवि उभरती है! कई मायनो में ये सही भी है लेकिन कुछ शिक्षक अपनी लगन और इच्छाशक्ति के... Read more
जौनसार बावर में स्त्री
दिल्ली में रहते हुए सुदूर पहाड़ के गाँव के रिश्तेदारों को निभाना एक दुरुह काम है. सगे संबंधी हमेशा इस आस में रहते है कि गाँव में रहने वाले खेतिहर और पशुचारक की मजबूरी तो एक बार को समझ में आ भ... Read more
आदिम संस्कृति और समाज के लिए संघर्ष करता जौनसार बावर का त्यौहार – बूढ़ी दिवाली
पूरे देश मे दिवाली कार्तिक माह की अमावस्या के दिन मनाई जाती है लेकिन उत्तराख़ण्ड के जिला देहरादून के जनजातीय श्रेत्र जौनसार बावर और हिमाचल के सिरमौर जिले लाधेई क्षेत्र के कुछ गावों में यह ठीक... Read more
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