लीलाधर जगूड़ी को वर्ष-2018 का व्यास सम्मान
प्रसिद्ध कवि लीलाधर जगूड़ी जी को उनकी काव्य रचना ‘जितने लोग उतना प्रेम’ के लिए अखिल भारतीय बिड़ला फाउंडेशन का इस वर्ष का व्यास सम्मान दिया गया है. जगूड़ी जी की कविता, एक बने बनाए शिल्प और आजमा... Read more
गाँव में आवाजें
साहित्य अकादेमी पुरुस्कार से सम्मानित मंगलेश डबराल (Manglesh Dabral) हमारी भाषा के जाने माने कवि हैं. 16 मई 1948 को उत्तराखंड के गढ़वाल में काफलपानी नामक गाँव में जन्मे मंगलेश के प्रकाशित कव... Read more
देना! – नवीन सागर जिसने मेरा घर जलाया उसे इतना बड़ा घर देना कि बाहर निकलने को चले पर निकल न पाये. जिसने मुझे मारा उसे सब देना मृत्यु न देना. जिसने मेरी रोटी छीनी उसे रोटियों के समुद्... Read more
न हों ज्ञान से बड़ी किताबें
संजय चतुर्वेदी की कविता पुस्तक मेले हुईं ज्ञान से बड़ी किताबें अर्थतन्त्र के पुल के नीचे रखवाली में खड़ी किताबें जंगल कटे किताब बनाई लेकिन चाल ख़राब बनाई आदम गए अक़ील आ गए आकर अजब शराब बनाई श्रम... Read more
इतने भले नहीं बन जाना साथी
वीरेन डंगवाल (Viren Dangwal) हिन्दी के आधुनिक कवियों की सूची में ऊंचा स्थान रखते हैं. वीरेन डंगवाल (5 August 1947 -27 September 2015) की रचनाओं में गहरी जनपक्षधरता, समाज की गहरी समझ और भाषा-... Read more
प्रमोद कौंसवाल की कविता
वो अपनी ही कविता के एक लुटेपिटे हैरान से थकान से चूर खून और गर्द से भरे चेहरे वाले आदमी सरीखे हैं -शिवप्रसाद जोशी हिंदी के युवा कवि प्रमोद कौंसवाल का पहला कविता संग्रह 90 के दशक में आया था.... Read more
प्रेम पिता का दिखाई नहीं देता
चन्द्रकान्त देवताले 7 नवंबर 1936 को जौलखेड़ा, बैतूल (मध्य प्रदेश) में जन्मे चन्द्रकांत देवताले समकालीन हिन्दी कविता के सबसे बड़े हस्ताक्षरों में से थे. उन्होंने अपने कार्य के लिए साहित... Read more
जो रास्ता नहीं भूलते
चन्द्रकान्त देवताले 7 नवंबर 1936 को जौलखेड़ा, बैतूल (मध्य प्रदेश) में जन्मे चन्द्रकांत देवताले समकालीन हिन्दी कविता के सबसे बड़े हस्ताक्षरों में से थे. उन्होंने अपने कार्य के लिए साहित... Read more
दुनिया का सबसे ग़रीब आदमी कौन होगा
चन्द्रकान्त देवताले 7 नवंबर 1936 को जौलखेड़ा, बैतूल (मध्य प्रदेश) में जन्मे चन्द्रकांत देवताले समकालीन हिन्दी कविता के सबसे बड़े हस्ताक्षरों में से थे. उन्होंने अपने कार्य के लिए साहित... Read more
मैं अभी-अभी माँ से मिलकर आया हूँ
चन्द्रकान्त देवताले 7 नवंबर 1936 को जौलखेड़ा, बैतूल (मध्य प्रदेश) में जन्मे चन्द्रकांत देवताले समकालीन हिन्दी कविता के सबसे बड़े हस्ताक्षरों में से थे. उन्होंने अपने कार्य के लिए साहित... Read more
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