‘हिमालय दिवस’ पर शमशेर सिंह बिष्ट की एक टिप्पणी
Posted By: Girish Lohanion:
शमशेर सिंह बिष्ट ठेठ पहाड़ी थे. उत्तराखंड के पहाड़ी ग्राम्य जीवन का एक खुरदुरा, ठोस और स्थिर व्यक्तित्व. जल, जंगल और ज़मीन को किसी नारे या मुहावरे की तरह नहीं बल्कि एक प्रखर सच्चाई की तरह जी... Read more
हिमालय से पहले हिमालय में लोगों को बचाओ
Posted By: Girish Lohanion:
आज अगर हिमालय बचा है तो यहां की महिलाओं की वजह से. हिमालय के पुरुषों ने हिमालय बचाने की जिम्मेदारी करीब एक पीढ़ी पहले ही छोड़ दी थी. भले ही आज हिमालय के पर्यावरणविदों में आप किसी महिला का नाम... Read more
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