वर्तमान समय ऐसा है कि किसी विश्वविद्यालय की असल स्थिति का जायजा लेना हो तो उठा कर उसकी वर्ड या नेशनल रैंकिंग देख लीजिए आपको एक आइडिया मिल जाएगा कि विश्वविद्यालय के हालात क्या हैं. टाइम्स हाय... Read more
यह आलेख हमें हमारे पाठक कमलेश जोशी ने भेजा है. कमलेश का एक लेख – सिकुड़ते गॉंव, दरकते घर, ख़बर नहीं, कोई खोज नहीं – हम पहले भी छाप चुके हैं. यदि आप के पास भी ऐसा कुछ बताने को हो... Read more
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