अल्मोड़े के पास एक गांव में अल्पबुद्धि और दीर्घबुद्धि नाम के दो दोस्त हुआ करते थे. अल्पबुद्धि, नाई और दीर्घबुद्धि, पंडित थे. दोनों निहायत आलसी और खदवे. दोनों का घर पत्नियों की मेहनत से चलता.... Read more
चट्टान से गिरकर अकाल मृत्यु को प्राप्त पहाड़ी घसियारिनों को समर्पित लोकगाथा ‘देवा’
बहुत सुन्दर गाँव था. खूब गधेरा पानी. अपनी बंजाणी घना जंगल और थी उसी गाँव में एक सुन्दर निर्मल झरने की तरह लड़की देवा. सारे गाँव की बेटी. हमेशा उसके पास एक हँसी रहती थी. दुखी से दुखी उस हँसती... Read more
एक छोटा बालक था. उसकी दादी उसे रोज एक रोटी उसके ज्योज्याग (कमरबन्द) में बांधकर उसे भेड़ चराने भेजती थी. एक दिन भेड़ चराने से पहले उसने अपनी रोटी एक झाड़ी में छिपा दी. वापस आया तो झाड़ी से रो... Read more
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