लोककथा : शेरू और श्याम
सावित्री ने आज घर पर ही रहने का फैसला किया. थकाऊ खेती के काम से आज उसे फुरसत मिली थी. हफ्ते दस दिन से वह इतनी व्यस्त हो गयी थी कि अपने बेटे को समय नहीं दे पा रही थी. चाहती थी कि आज वह अपने ब... Read more
एक छोटा बालक था. उसकी दादी उसे रोज एक रोटी उसके ज्योज्याग (कमरबन्द) में बांधकर उसे भेड़ चराने भेजती थी. एक दिन भेड़ चराने से पहले उसने अपनी रोटी एक झाड़ी में छिपा दी. वापस आया तो झाड़ी से रो... Read more
कुमाऊनी लोककथा- पत्नी और बच्चों के लिये बाघ के उड्यार पर कब्जा जमाने वाले सियार की कहानी
कहते हैं काली नदी के किनारे के घने जंगल में एक आलसी सियार और उसका परिवार रहता था. जंगल की ओट में कभी इधर कभी उधर रहने वाले उसके परिवार में एक पत्नी और दो बच्चे हुआ करते थे. शादी के बाद से ही... Read more
बड़ी पुरानी कथा है. एक गाँव में एक लड़के को उसके बाप ने बड़े ही लाड़ से पाला. मां के मरने के बाद से ही घर में सालों से दो मर्द ही रहे. जब लड़के के ब्या की बारी आई तो इस बात से लड़की मिलने मे... Read more
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