मां नंदादेवी जितना अपनी करुणा और ममता के लिये जानी जाती हैं उतना ही अपने क्रोध के लिये भी विख्यात हैं. मां नंदा के क्रोध को लेकर कुमाऊं गढ़वाल अंचल में अनेक किवदंती लोकप्रिय हैं. बागेश्वर में... Read more
भिटौली के महीने में गायी जाती है गोरिधना की कथा
जेठ म्हैणा जेठ होली, रंगीलो बैसाख, रंगीलो बैसाख लाड़ो म्हैणा, योछ चैतोलिया मास. बैणा वे येछ गोरी रैणा मैणा ऋतु मयाल. कुमाऊँ के जोहार अंचल में गाये जाने वाले इस गीत का भाव है— जेठ का महीना सबस... Read more
Folk Music and Folk Instrument (लेख हिन्दी में पढ़े) Folk music is the musical expression of people of a particular place. At a glance we find that in the rhythm of folk music and musical ins... Read more
उत्तराखण्ड का लुप्तप्रायः वाद्य बिणाई
लोक संगीत व लोक वाद्य Read the post in English लोक संगीत किसी भी स्थान विशेष के लोक की संगीतमय अभिव्यक्ति है. थोड़ा गौर करने पर हम पाते हैं कि लोकसंगीत की लय-ताल और उसमें प्रयुक्त होने वाले व... Read more
सरयू आज भी सिसकती है – कुसुमा की त्रासद लोककथा
सुसाट मन को कपोरता है. लग जाता है एक उदेख जिसके अंदर कुहरा जाती है बाली कुसुमा की ओसिल कहानी. सरयू आज भी सिसकती है. इतना तो समय बीत गया. विदित नहीं अब देवराम और सरूली दीदी जीवित होंगे भी कि... Read more
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