आई भगवान ज्यूनै छन: मातृभाषा दिवस विशेष
Posted By: Kafal Treeon:
पैली जमान में धार्मिक विश्वास आदिमूं लिजी भौत ठुल सहार हुंछी. जब लै कोई प्राकृतिक आपदा उनूंकैं दुखी और परेशान करछी लोगबाग यौ सोचि बेर अपुण मन कैं बोत्याई लिछी कि जो लै करो द्याप्तांल करौ और... Read more
अपनी समृद्ध कुमाऊनी बोलने में शर्म क्यों आती है
Posted By: Kafal Treeon:
“और डियर तू तो इंग्लैण्ड जाणी वाल छै बल” – इस ज़रा से कुमाऊनी वाक्य के विन्यास में सबसे ज़रूरी शब्द है – “बल”. यानी इस वाक्य को जो आदमी कह रहा है उसने किसी से सुना है कि सुनने वा... Read more
इस तस्वीर को ऊपर से नीचे तक गौर से देखे जाने की जरूरत है. सबसे ऊपर रेलवे की पटरी है. इसे बनाने में लगे लोहे की भी कहानी होगी. जमीन के भीतर से अयस्क निकाल कर उसे भट्टी तक पहुंचाने तक कई हाथों... Read more
Popular Posts
- पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता
- अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें
- अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक
- सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन
- उत्तराखण्ड की महिलाएं : स्थितियों, संघर्षों और चुनौतियों का दस्तावेज
- कामिनी तुम कौन?
- पूर्वी नयार नदी की वो बाढ़
- कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा
- बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार
- आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”
- भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्
- उत्तराखण्ड के सरोवर
- दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध
- सिंधुजा की कविता : स्मृति यात्रा
- पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल
- घी संक्रान्ति का लोक विज्ञान
- दुनिया ने अपनाया और अपनों ने भुलाया : जन्मदिन विशेष
- गलगोटिया वाला कॉपी नहीं, असली नवाचार है अल्मोड़ा के रवि टम्टा का ड्रोन
- लोक गायिकाओं का समृद्ध इतिहास रहा है पहाड़ो में
- कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से जनआंदोलन तक
- उत्तराखण्ड में वन्य-जीवों का आतंक
- उनके बारे में जो सिर्फ नाम नहीं जीवन हैं
- उत्तराखण्ड के आयुष के हाथ में दिल्ली की रणजी टीम की कमान
- उत्तराखण्ड की उन्नति शर्मा ने देश का गौरव बढ़ाया, कॉमनवेल्थ -26 में जीता कांस्य
- बचपन से छीन ली गई बचपन की तस्वीर
