उत्तराखण्ड के चंदवंशीय शासकों ने राज-काज व प्रशासनिक कार्यों में सलाह लेने के लिए समिति बनायी हुई थी. इन समितियों में चार प्रमुख कबीलों/आलों (धडों) के प्रतिनिधि हुआ करते थे. इन समितियों के प... Read more
देवगाथाओं में जिक्र मिलता है कि भ्वलनाथ या भोलानाथ एक राजकुमार था. भोलानाथ चंदवंशीय राजा उदय चन्द का पुत्र था. साधू प्रकृति का होने के कारण यह जोगी हो गया था. एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत भोल... Read more
कुमाऊँ के मध्यकालीन शासकों में चंद्रवंशी राजा रुद्रचन्द ख़ास महत्त्व रखते हैं. रुद्रचन्द स्वयं विद्वान थे और विद्वानों का आदर भी किया करते थे. वे एक बेहतरीन कवि और नाटककार थे. वे संस्कृत के न... Read more
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