पहाड़ में काफल पक चुके हैं
काफल पाको चैता बसंत अब विदा होने को है और काफल पकने को तैयार हैं. ऋतु परिवर्तन के बीच कई जगह वक़्त से पहले भी काफल का पक जाना देखने में आता रहा है लेकिन चैत के महीने में इसके पक जाने का जिक्र... Read more
भिटौली के महीने में गायी जाती है गोरिधना की कथा
जेठ म्हैणा जेठ होली, रंगीलो बैसाख, रंगीलो बैसाख लाड़ो म्हैणा, योछ चैतोलिया मास. बैणा वे येछ गोरी रैणा मैणा ऋतु मयाल. कुमाऊँ के जोहार अंचल में गाये जाने वाले इस गीत का भाव है— जेठ का महीना सबस... Read more
रितुरैण या ऋतुरैण (Riturain) गीतों का उत्तराखण्ड की लोक परम्पराओं में महत्वपूर्ण स्थान रहा है. इन्हें बसंत ऋतु और विशेषकर चैत्र महीने में गाया जाता है. चैत्र के महीने में गाये जाने के कारण इ... Read more
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