एशियन गेम्स ख़त्म हो चुके हैं और पदक जितने वाले खिलाड़ी फिर से अगले किसी अन्तर्राष्ट्रीय खेलों तक गुमनामी के अंधेरों में धकेले जा चुके हैं. क्रिकेट के गुलाम हो चुके हमारे देश में टीवी पर जो थो... Read more
एशियन गेम्स: 14वें दिन भारत को मिला 14वां गोल्ड
भारत के मुक्केबाज अमित पंघल ने पुरुषों की 49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा का गोल्ड जीतने में सफल रहे हैं. राष्ट्रमंडल खेलों के सिल्वर पदक विजेता अमित ने फाइनल मुकाबले में रियो ओलम्पिक-2016 के ग... Read more
एशियाई खेल (हॉकी) : फाइनल में जापान से हारा भारत
एशियन गेम्स में 13वें दिन भारतीय महिला हॉकी टीम का स्वर्ण जीतने का सपना पूरा नहीं हो सका. भारतीय महिला टीम को फाइनल में जापान के खिलाफ 1-2 से हारना पड़ा और उसे रजत पदक से ही संतोष करना पड़... Read more
महिलाओं की चार गुणा 400 रिले रेस में भी भारत को स्वर्ण मिला. इस स्पर्धा में टीम ने 3:28.72 समय के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा किया जबकि इसी रिले रेस के पुरुष वर्ग में उसे रजत पदक हासिल हुआ. भार... Read more
नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास
एशियन गेम्स ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल के ध्वजारोहक रहे नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया. वह पुरूषों के जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए. खेलों के 9वें दिन नीरज ने अपे... Read more
साइना नेहवाल आउट, पीवी सिन्धु फाइनल में
भारत की स्टार महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने 18वें एशियन गेम्स में सोमवार को महिला एकल के सेमीफाइनल मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. हालांकि सायना नेहवाल को 18वें एशियाई खेलों... Read more
24-0 : क्रिकेट का नहीं ये हॉकी का स्कोर है जनाब
इन दिनों इंडोनेशिया में एशियन गेम्स चल रहे हैं और भारत की हॉकी टीम छक्के बरसा रही है. केवल पुरुष हॉकी टीम ही नहीं बल्कि महिला हॉकी टीम भी इंडोनेशिया में छक्के मार रही है. दरसल भारतीय महिला औ... Read more
इंडोनेशिया में शुरू हुआ एशियाड 2018
इन्डोनेशिया की राजधानी जकार्ता स्थित गिलोरा बंग कार्नो स्टेडियम में 18 अगस्त की शाम एक रंगारंग कार्यक्रम के साथ एशियन खेल के 18वें संस्करण की शुरुआत हो चुकी है. यह खेल इंडोनेशिया के दो शहरों... Read more
Popular Posts
- पहाड़ो में भूस्खलन
- जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई
- हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी
- हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब
- 28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई
- दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास
- गांधीजी ने दुनिया के सबसे बड़े अहिंसक आंदोलन का संचालन कैसे किया?
- भारत में आँसू गैस के गोले सबसे पहले अंग्रेज़ लाए थे
- कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल
- हरेला: प्रकृति, परंपरा और विज्ञान का अद्भुत संगम
- हरेले के रंग में पहाड़ : फोटो निबन्ध
- अब हल्द्वानी में पहाड़ी उत्पादों के सबसे विश्वसनीय ब्रांड ‘मुनस्यारी हाउस’ की शुरुआत
- खड़कमाफी के जीवन में एक दशक से विचरते एकदंत गजराज
- क्या उत्तराखंड, पारिस्थितिक वहन क्षमता को लागू कर सकता है?
- रिंगाल आधारित शिल्प : उत्तराखण्ड का एक परम्परागत कुटीर उद्योग
- कानिया के प्रेम में दीवानी सुबनी : लोककथा
- चीड़ की छाल को कलाकृतियों का रूप दे रहा एक कलाकार
- मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब
- पहाड़ की पुकार जो खींच ले गई मुझे
- ‘मनिला डांडे की देवी मां आज बहुत उदास है
- सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन
- मानव और प्रकृति का संबंध प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है
- न रुकदि छै, न थकदि छै, नयार जन बगदि छै : संकट में है नयार
- कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा
- दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है
