लोककथा : तपस्या का फल
विरेन आज घर से बाजार के लिये यह कहकर निकला था कि वह पूरा सामान खरीद कर लायेगा. एक दुकान से दूसरी दुकान, दूसरी से तीसरी और फिर चौथी. पत्नी भी साथ में थी. बेटा चौदह साल का हो गया था, उसका यज्ञ... Read more
लोककथा : जिद्दी औरत
एक गांव में एक औरत रहती थी. वह एक विरोधी स्वभाव व बहुत ईर्ष्यालु प्रवृत्ति की थी. कोई उसे कुछ भी सलाह दे वह उसका ठीक उल्टा करती. भले ही उसे कितना भी समझाया जाए, वह कितना ही नुकसान उठाये, परन... Read more
लोककथा : मकड़ी के जाल पर मछलियां
एक गांव में एक परिवार रहता था जिसमें परिवार के नाम पर दो ही सदस्य थे, पति और पत्नी. पति एक मेहनती और समझदार किसान था. पति जितना होशियार व समझदार था पत्नी उतनी ही सीधी-सादी थी, चालाकी व हेर-फ... Read more
जीवन यूं ही गुजर रहा था तुम्हारे बिना, तुम्हारी दूसरी बार छुट्टी आने की आस में. चिट्ठी का इंतजार रहता था. नजर रहती, पोस्ट ऑफिस से घर तक आने वाली उस संकरी, घुमावदार और चढ़ाई वाली पगडण्डी पर.... Read more
लोककथा : शेरू और श्याम
सावित्री ने आज घर पर ही रहने का फैसला किया. थकाऊ खेती के काम से आज उसे फुरसत मिली थी. हफ्ते दस दिन से वह इतनी व्यस्त हो गयी थी कि अपने बेटे को समय नहीं दे पा रही थी. चाहती थी कि आज वह अपने ब... Read more
लोककथा : ह्यूंद की खातिर
पुरानी बात है जब दो वक्त की रोटी जुटाना ही बड़ी बात थी. उन्नत बीज और सही जानकारी न होने की बजह से खेतों में कठिन परीश्रम करने के बावजूद भी पैदावार कम ही होती. परन्तु लोग अभाव में रहते हुये भ... Read more
लोककथा : दुबली का भूत
सम्पूर्ण हिमालयी क्षेत्रों में स्थायी निवास के साथ-साथ प्रायः एक अस्थाई निवास बनाने का चलन है, जिसे छानी या खेड़ा कहा जाता है. इन छाानियों में कभी खेती-बाड़ी बढ़ाने के लिए तो कभी हवा पानी बद... Read more
पुण्यतिथि (मई 05) पर विशेषशूरवीर सिंह पंवार (18/05/1907 – 05/05/1991) (Shoorveer Singh Panwar) अप्रैल 1992 में इलाहाबाद से आदरणीय मोहनलाल बाबुलकर जी का पत्र मुझे मिला कि ‘देहरादून टाउन... Read more
विजय दशमी पर गांव जाना हुआ ट्राली (Rope way) से टिहरी झील पार की और फिर पैदल गांव को चल पड़ा सोचा मात्र डेढ़-दो मील की दूरी के लिये गाड़ी का इन्तजार क्यों करूं आधा मील ही पहुँचा पातनी; पातीण... Read more
कहानी – ‘द क्वारंटाइन डेज’
कशरी को सूचना मिली कि उसका बेटा किड़ू शहर में महामारी की चपेट में आ गया. सूचना गांव के लड़के भगत ने ही भेजी थी. कशरी ने किड़ू से बात करने के लिए बड़े बेटे हरि को कहा. हरि ने फोन मिलाया तो कि... Read more
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