सरकारी विभागों में पावती, सिर्फ पावती नहीं है
उस कक्ष में पांच कर्मचारी उपस्थित थे- तीन पुरुष और दो महिलायें. सभी कुछ देर पहले ही अपने-अपने स्थानों पर आकर बैठे थे. शासकीय भाषा में कहें तो मध्याह्न पूर्व का समय था. कक्ष में -ज़मीन पर, टेब... Read more
कुछ दिनों पहले अचानक हमें अपनी बुद्धि पर फिर से तरस आने लगा. यह कोई नई बात नहीं थी. किसी मनोचिकित्सक की शरण में जाना हमने जरूरी नहीं समझा. असल में साल छह महीने में एक बार ऐसा हो ही जाता है.... Read more
‘सौंदर्य की कविता’ और ‘कविता का सौंदर्य,’ दोनों ही महत्वपूर्ण हैं. परन्तु इन दोनों से भी अधिक महत्वपूर्ण है- सौंदर्य के द्वारा लिखी गई कविता. सौंदर्य के द्वारा लिखी ग... Read more
पिछला दरवाजा बड़ा चमत्कारी होता है. आगे के दरवाजे पर बैठा हुआ संतरी जिसे भीतर घुसने से रोक लेता है वह पिछले दरवाजे से पीछे घुस कर कुर्सी पर विराजमान हो जाता है. इसमें संतरी का कोई कसूर नहीं.... Read more
सड़क को सड़क नहीं, अपना घर समझो
वे पुलिस के बड़े अधिकारी थे और हमारे बचपन के मित्र भी. कल जब वे बहुत दिन बाद शहर आये तो हम दोनों बाइक से शहर घूमने निकले. रास्ते में एक जगह पुलिस चैकिंग हो रही थी. वे ज़ोर से चिल्लाए – ‘अबे रो... Read more
सभी की अपनी चुनौतियां है और सभी के अपने संघर्ष. पर कुछ संघर्ष विरले होते हैं. कठिनतम से भी कठिन. पिछले कुछ समय में पत्र-पत्रिकाओं, टेलीविज़न, मोबाइल पर अनेक लोगों के साक्षात्कार या उनके जीवनव... Read more
विक्की कि विकसवा कि विक्किया
विकसवा बहुत नाराज़ था. नाराज़ होने की बात ही ठहरी. बिचारा कब से इधर-उधर चक्कर काट रहा था. रात बिताने की जगह नहीं थी. सर छुपाने की जगह नहीं थी. उधर से जब चला था तो उसको नाम पता सब दिया गया था.... Read more
बच्चों का भविष्य संवारने के अचूक नुस्खे
[इस सप्ताह से हम ख्यात शिक्षाविद व लेखक बसंत कुमार भट्ट का कॉलम शुरू कर रहे हैं. काफल ट्री के पाठक उन्हें अच्छी तरह पहचानते हैं क्योंकि उन्होंने हाल तक करीब डेढ़ सौ दुर्लभ कुमाऊनी कहावतों की... Read more
यह लेख अटैची के बारे में नहीं है
आज प्रातः समाचार मिला कि एक मित्र की नियुक्ति उप निदेशक के पद पर हो गई है. मित्र की नियुक्ति के इस समाचार से प्रसन्नता होनी चाहिये थी ,पर मुझे आश्चर्य अधिक हुआ. मुझे लगता है कि वो इस पद के अ... Read more
नए साल का कैलेण्डर, पतझड़ और मौसमे-बहार वगैरह
सभी को पता है फिर भी बताना ठीक रहता है कि नया साल आ गया. अपना मकसद नये साल की बधाई देना नहीं है. अपनी ज़बान में कुछ ऐसी तासीर है कि जिसे नया साल मुबारक कहा, उनमें से ज्यादातर की जेब साल की श... Read more
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