शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क के लिये पिथौरागढ़ के होकरा गांव में 6 दिन से 83 लोग भूख हड़ताल पर
पिथौरागढ़ जिला पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ है, मुद्दा है शिक्षकों और पुस्तकों की मांग करते महाविद्यालय के युवा पर शिक्षकों और पुस्तकों की समस्या केवल पिथौरागढ़ महाविद्यालय की ही स... Read more
उत्तराखंड में खेलों के क्षेत्र में संसाधन न के बराबर हैं. पर्वतीय क्षेत्रों में तो अभ्यास के लिए छोटे-मोटे मैदान तक का मिल पाना असंभव है. इसके बावजूद अपनी मेहनत और लगन से उत्तराखण्ड के कई खि... Read more
एक कमरा, दो भाई और उनके बीच कभी-कभार होती हाथापाई
पहाड़ और मेरा जीवन – 41 पिछली कड़ी: आपकी एक छोटी-सी पहल कैसे आपका मुकद्दर संवार सकती है आज कुछ लोग इस बात पर शायद यकीन न करें, पर सच यही है कि मैं कक्षा नौ से लेकर बारहवीं करने तक अपनी मां स... Read more
न किताब छन- न किताबें हैंन मासाब छन- न मास्टर साहब हैंकी छ पें?- क्या है फिर?कि चैं पें?- क्या चाहिये फिर?किताब और मासाब- किताब और मास्टर साहब यह पोस्टर बनाया है पिथौरागढ़ के लक्ष्मण सिंह मह... Read more
आठ करोड़ पौधे लगाने वाले पिथौरागढ़ के पर्यावरणविद कुंवर दामोदर सिंह राठौर
2016 में मई महीने में डीडीहाट के आस-पास के जंगलों में आग लगती है. भनौरा गांव में रहने वाला 91 बरस का एक बूढ़ा अपनी लाठी के सहारे निकल पड़ता है जंगल की ओर आग बुझाने. आग बुझाने के प्रयास में उसे... Read more
भाषण देते हुए जब मेरे पैर कांपते रहे, जुबान हकलाती रही और दिमाग सुन्न पड़ गया
पहाड़ और मेरा जीवन – 39 (पिछली कड़ी: जब संपादकीय टिप्पणी के साथ ‘जनजागर’ के मुखपृष्ठ पर मेरी कविता प्रकाशित हुई) जीआईसी पिथौरागढ़ में कक्षा नौ में पढ़ना शुरू हुआ, तो यह बहुत धीरे-धीरे था कि... Read more
सिंटोलों और कबूतरों के लिए बने नैनी-सैनी एयरपोर्ट का सरकार विस्तार करने वाली है
नैनी सैनी विश्व का पहला ऐसा एयरपोर्ट है जिसपर दो से तीन दशकों तक बच्चों ने इस उम्मीद में साईकिल चलाना सीखा है कि कभी इस पट्टी में वो जहाज से उतरेंगे. अब जब से नैनी-सैनी में एयरपोर्ट के नाम प... Read more
जब संपादकीय टिप्पणी के साथ ‘जनजागर’ के मुखपृष्ठ पर मेरी कविता प्रकाशित हुई
पहाड़ और मेरा जीवन – 38 (पिछली कड़ी: एक शराबी की लाश पर महिलाओं के विलाप ने लिखवाई मुझसे पहली कविता ) आठवीं से नवीं में आने के सफर के दौरान मुझे खुद में दो बदलाव साफ दिखाई दिए- पहला तो मैं छ... Read more
दारमा घाटी में दुग्तालों का गांव दुग्तू
दुग्तू पिथौरागढ़ जिले की दारमा घाटी का एक छोटा सा गांव है. पंचाचूली की गोद में बसा इस बेहद खूबसूरत गाँव में रं समाज के लोगों को निवास है जो कि दारमा घाटी का जनजाती समाज है. इनकी अपनी परंपराये... Read more
पहाड़ घूमने आ रहे हैं तो बिर्थी फॉल देखने जरूर जाएं
उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी से करीब 35 किलोमीटर दूर है बिर्थी जलप्रपात. अल्मोड़ा-मुनस्यारी मार्ग के रास्ते में पड़ने वाले तेजम से इसकी दूरी 14 किलोमीटर है. यहाँ पहुँचने का एक और र... Read more
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