पहाड़ में जीवन जीने का पर्याय है हाड़-तोड़ मेहनत. हाड़-तोड़ मेहनत पहाड़ के लोगों का आभूषण है जिसे यहां के लोक और परम्पराओं में बड़े सहज रूप से देखा जा सकता है. पहाड़ के रहवासियों के जीवन में यह हा... Read more
पिथौरागढ़ के दुतिया यानि भैया दूज की यादें
सत्तर के दशक तक पिथौरागढ़ में दुतिया बोले तो भाई दूज, अलौकिक त्यौहार होता था. गांव घर के लोग रक्षाबंधन भी भाई-बहिन से संबंधित त्यौहार होता है, जानते तक नहीं थे. शहरी लोग फिल्मों में देखा करत... Read more
आज दोपहर 1:11 बजे से है भैया दूज का शुभ मुहूर्त
आज भैया दूज है. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया के दिन अर्थात दीपावली के दो दिन बाद इस त्यौहार को उत्तराखण्ड समेत समूचे देश में मनाया जाता है. (Bhaiya Dooj Muhoort this Afternoon) इस त... Read more
Popular Posts
- पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता
- अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें
- अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक
- सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन
- उत्तराखण्ड की महिलाएं : स्थितियों, संघर्षों और चुनौतियों का दस्तावेज
- कामिनी तुम कौन?
- पूर्वी नयार नदी की वो बाढ़
- कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा
- बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार
- आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”
- भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्
- उत्तराखण्ड के सरोवर
- दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध
- सिंधुजा की कविता : स्मृति यात्रा
- पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल
- घी संक्रान्ति का लोक विज्ञान
- दुनिया ने अपनाया और अपनों ने भुलाया : जन्मदिन विशेष
- गलगोटिया वाला कॉपी नहीं, असली नवाचार है अल्मोड़ा के रवि टम्टा का ड्रोन
- लोक गायिकाओं का समृद्ध इतिहास रहा है पहाड़ो में
- कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से जनआंदोलन तक
- उत्तराखण्ड में वन्य-जीवों का आतंक
- उनके बारे में जो सिर्फ नाम नहीं जीवन हैं
- उत्तराखण्ड के आयुष के हाथ में दिल्ली की रणजी टीम की कमान
- उत्तराखण्ड की उन्नति शर्मा ने देश का गौरव बढ़ाया, कॉमनवेल्थ -26 में जीता कांस्य
- बचपन से छीन ली गई बचपन की तस्वीर
