लॉकडाउन की घोषणा के बाद प्रकाश किसी तरह अपने गाँव पहुँच गया. पिछले 5 सालों से वो दिल्ली में नौकरी कर रहा था. समय पर उसके घर पहुचने पर उसकी पत्नी और बच्चे खुश थे.(Prkashda Story by Jyoti Bhat... Read more
पहाड़ की लड़कियों का पहाड़ सा जीवन
आंगन की भीढ़ी में बैठे-बैठे हरूवा सुबह से पांच बीड़ी फूंक चुका था. बेटी की शादी में महज 10 दिन रह गए थे. पहाड़ियों का एक अलग ही लॉजिक होता है, टेंशन के समय में बीड़ी फूकने से काम करने की थोड... Read more
अल्मोड़ा डिग्री कॉलेज से एक अधूरी प्रेम कहानी
कॉलेज से दुग्ध धवल हिमालय दिखा करता था, जब कभी बादल लगे हो तो उसके न दिखने का अफसोस जरूर होता था. मोबाइल में चाहे लाख फोटो उतार लो लेकिन जैसा आंखों से दिखता वैसा मोबाइल में कहां, कैमरा होता... Read more
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- न रुकदि छै, न थकदि छै, नयार जन बगदि छै : संकट में है नयार
