चम्पावत के सूखीढांग इंटर कॉलेज में सवर्ण छात्रों द्वारा दलित भोजन माता के हाथों बना मिड डे मील के बहिष्कार के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित तो हुआ ही इस मसले पर नए मोड़ सामने आ रहे हैं.... Read more
चितई का गोलू देवता मंदिर
कुमाऊं के अनेक प्रतिष्ठित देवता हैं— जैसे गोलू, हरू, सैम, ऐरी, गंगनाथ, भोलानाथ, कलबिष्ट, चौमू, भूमिया आदि. ये सभी मध्यकाल के उदार और आदर्शवादी शासक हुआ करते थे जो अपनी क्षेत्री सीमाओं पर विज... Read more
मैं पर्यटन स्थलों को छोड़कर, उत्तराखंड के आंतरिक ऐसे किसी पहाड़ी गांव में नहीं गया था जहां पलायन को इतना करीब से देखा हो. अपनी पिछली यात्रा के दौरान मैं चंपावत जिले के पाटी ब्लॉक में रीठा सा... Read more
चम्पावत से ढकना गांव (चम्पावत-अल्मोड़ा पुराना पैदल मार्ग) तक तीन किमी. और ढकना से चम्पावत-मायावती पैदल मार्ग से लगभग चार किमी. की दूरी पर प्राचीन कुमाऊँ की स्थापत्यकला के एक अत्यंत उत्कृष्ट उ... Read more
कुछ लोग ऐसे होते हैं जो पहाड़ को छोड़कर भी पहाड़ को नहीं भूलते हैं, उन्हीं में से एक है बीके सामंत. 2000 में पहाड़ छोड़कर कामकाज के सिलसिले में मुम्बई चल पड़े बीके सामंत मूल रूप से चंपावत जि... Read more
उत्तराखंड का वह गांव जिसकी गिनती भारत के पहले दस हॉन्टेड गावों में होती है
जब कभी भारत में भुतहा या हॉन्टेड गांव की बात आती है तो देश के पहले दस गावों की सूची में आने वाला एक गांव उत्तराखंड का भी है. यहां हॉन्टेड का अर्थ किसी गांव के खाली होने से नहीं है बल्कि गांव... Read more
चम्पावत का बालेश्वर मंदिर: कमल जोशी के फोटो
कुमाऊँ में टनकपुर से लगभग 75 किमी दूर 1670 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चम्पावत का मशहूर बालेश्वर मंदिर शिल्प व लोकथात की समृद्ध पूंजी है. ऐतिहासिक प्रमाणों के अनुसार चौदहवीं शताब्दी में चम्पावत ब... Read more
उत्तराखंड के जिला चम्पावत के पाटी ब्लॉक में अक्टूबर 2017 में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना घटी थी. नशे में धुत एक बाप ने अपनी सात वर्षीय बेटी को अपनी वासना का शिकार बनाया था औ... Read more
एबट माउंट वाले अंग्रेज साहब का किस्सा
उत्तराखण्ड में कुमाऊँ के जिला चम्पावत के लोहाघाट नगर के नजदीक एबट माउंट नामक एक बहुत ही खूबसूरत स्थान है. करीब साढ़े छः हज़ार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस स्थान की पर्यटन संबंधी तमाम डीटेल्स आपको... Read more
ऋग्वेद के शम्बर प्रसंग के अनुसार बाणासुर हिमालय में रहने वाले एक असुर थे. वायुपुराण में शतश्रृंग पर्व पर असुरों के 100 पुरों (किलों) का उल्लेख मिलता है. रामायण, महाभारत और अन्य पुराणों के कई... Read more
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