लोककथा : ह्यूंद की खातिर
Posted By: Sudhir Kumaron:
पुरानी बात है जब दो वक्त की रोटी जुटाना ही बड़ी बात थी. उन्नत बीज और सही जानकारी न होने की बजह से खेतों में कठिन परीश्रम करने के बावजूद भी पैदावार कम ही होती. परन्तु लोग अभाव में रहते हुये भ... Read more
बूढ़ी सास और उसकी बहू की कथा
Posted By: Kafal Treeon:
ऊंचे-ऊंचे पहाड़ो में घने जंगलों के बीच एक पहाड़ी गांव था. ठेठ गांव के बीच में घर होना ही था, वैसे ही जैसे पहाड़ियों के घर होते हैं – मिट्टी पत्थर से चिने पतली पठाली (स्लेट) से ढके तिकोने... Read more
खड़ महराज और शिवजी की कथा
Posted By: Kafal Treeon:
गीता गैरोला लेकर आई हैं एक और गढ़वाली लोक कथा. लम्बी अनुपस्थिति फागुन बीत गया. सूरज की गर्मी ने अपनी तपस को बढ़ा दिया. जाड़ों के ठंडक की सीलन भाप बनकर आसमान की तरफ दौड़ लगाने लगी. सारी प्रकृति ख... Read more
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