रामगंगा और सरयू के बीच बसा गंगोलीहाट
समुद्रतल से लगभग 1,760 किमी की ऊंचाई पर स्थित गंगोलीहाट का नाम तो सभी ने सुना होगा. रामगंगा और सरयू के बीच में बसे गंगोलीहाट का नाम ही इन दो नदियों के कारण गंगोलीहाट है. सरयू और रामगंगा के ब... Read more
छूट प्रथा : उत्तराखंड के जौनपुर की प्रथा
उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल में एक खुबसूरत पहाड़ी क्षेत्र है जौनपुर. यमुना के बांयी तरफ स्थित जौनपुर का यह क्षेत्र अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक परम्पराओं, रीति-रिवाज, खान-पान के लिये जाना जाता है. ज... Read more
भिटौई काफल और हिसालू
उत्तराखंड एक कृषिप्रधान राज्य है. उत्पादन की दृष्टि से भले यहां खेती बहुत कुछ न देती हो लेकिन राज्य की अधिकांश जनसंख्या का मुख्य व्यवसाय कृषि रहा है. इसी कारण यहां के तीज-त्यौहार-परम्परा फसल... Read more
पद्मश्री बसन्ती बिष्ट का गायन
उत्तराखंड की लोक गायिका बसन्ती बिष्ट (Basanti Bisht) को 2017 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार दिया गया था. बसन्ती बिष्ट को उत्तराखंड की पहली महिला जागर गायिका होने का गौरव प्राप्त है... Read more
विश्व में सबसे ऊंचा शिव मंदिर है तुंगनाथ
समुद्र की सतह से 3680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ (Tungnath) मंदिर की गिनती पञ्चकेदार में होती है. उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित यह मंदिर चमोली और गोपेश्वर से क्रम... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 131
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 130
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 129
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
पहाड़ के जीवन को बयान करती अमित साह की तस्वीरें
पिछले अठारह बरस में उत्तराखंड को जवान होना चाहिये था जबकि स्थिति हम सब जानते हैं. पहाड़ में पैदा होने के बाद से ही कठिन भौगोलिक चुनौतियां आपके जीवन का हिस्सा बन जाती हैं. उत्तराखंड समेत हिमाल... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 128
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
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