1906 में छपी सी. डब्लू. मरफ़ी की किताब ‘अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊं’ में आज से कोई 120 बरस पहले के कुमाऊं-गढ़वाल के बारे में बहुत दिलचस्प विवरण पढ़ने को मिलते हैं. Tonga Service in... Read more
कत्यूरियों के समय का है रानीबाग का चित्रेश्वर मंदिर उत्तरायणी (Uttarayani) यानी मकर संक्रान्ति (Makar Sankranti) के दिन नैनीताल (Nainital) से 28 किमी. दूर स्थित रानीबाग (Ranibagh) नाम की जग... Read more
मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के अवसर पर रानीबाग (हल्द्वानी) में जियारानी का मेला लगता है. मकर संक्रांति (उत्तरायणी) के अवसर पर यहाँ एक ओर पवित्र स्नान चलता है तो दूसरी ओर जागर. जागर, बैर... Read more
उत्तराखंड की पहली अद्भुत वीरांगना – जियारानी
संसाधनहीनता के कारण उत्तराखण्ड के नायक-नायिकाओं को वो स्थान नहीं मिल पाया; जिसके वे पात्र थे. इसमें इतिहासकारों की कंजूसी भी शामिल है. जिस प्रकार झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का नाम स्वतंत्रता स... Read more
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