मैंने तोते की लाश को तो दफ्न कर दिया, पर उसे मारने का अपराध बोध जिंदा रहा
पहाड़ और मेरा जीवन – 32 पिथौरागढ़ में रहते हुए मैं बचपन और कैशोर्य का ऐसा बेहोशी भरा जीवन जी रहा था कि मेरे पास मेरे वर्तमान के अलावा और कुछ न था. मैं भविष्य के बारे में एक रत्ती नहीं सोचता... Read more
डीडीहाट में सीराकोट का किला
सीराकोट का किला उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट में है. सीराकोट का किला 800 मीटर ऊंची पहाड़ी पर बना है. इस किले का निर्माण मल्ल राजाओं द्वारा किया गया बताया जाता है. किल... Read more
सुर्ख गालों पर तपिश लिए भरे बाजार जब मैंने अर्चना वर्मा को जीवन भर के लिए कहा गुडबाय
पहाड़ और मेरा जीवन – 31 अपनी सहपाठी अर्चना वर्मा के बारे में मैंने पहले भी जिक्र किया था और आज तो पूरी कथा ही उस पर लिख रहा हूं. इसके बाद मेरे पास उसके बारे में लिखने को कुछ और न रह जाएगा बश... Read more
पाताल भुवनेश्वर : रहस्यों से भरी एक पवित्र गुफा
पिथौरागढ़ जिले में स्थित गंगोलीहाट तहसील के मुख्यालय से 16 किमी की दूरी पर स्थित है पाताल भुवनेश्वर. गंगोलीहाट तहसील के भुवनेश्वर गांव में समुद्र तल से 1350 मी. की ऊंचाई पर स्थित पाताल भुवनेश... Read more
पहाड़ और मेरा जीवन – 30 मैं बचपन से ही थोड़ा बेपरवाह मगर बहुत स्वाभिमानी रहा हूं. बचपन में मैं रोता कम ही था. लेकिन एक-दो बार मैं जब रोया तो बहुत गजब तरीके से रोया. एक बार तो मैं मां से किसी... Read more
यह लेख डॉ. राम सिंह की किताब आजाद हिन्द फ़ौज के क्रांतिवीर से लिया गया है. यह लेख कर्णध्वज चंद के जीवन संघर्ष से जुड़ा है. कर्णध्वज चंद जन्म जलतुरी गांव, पिथौरागढ़ में हुआ था. 1936 में सेना में... Read more
रामगंगा और सरयू के बीच बसा गंगोलीहाट
समुद्रतल से लगभग 1,760 किमी की ऊंचाई पर स्थित गंगोलीहाट का नाम तो सभी ने सुना होगा. रामगंगा और सरयू के बीच में बसे गंगोलीहाट का नाम ही इन दो नदियों के कारण गंगोलीहाट है. सरयू और रामगंगा के ब... Read more
आज के समय में जितना यह सुनने में अजीब है उससे कई ज्यादा इन तस्वीरों को देखने में सुकून है जिनमें छोटे-छोटे स्कूल पढ़ने वाले बच्चे पेड़ों से लिपटे हुए नजर आते हैं. पिथौरागढ़ के बच्चे पेड़ों को गल... Read more
व्यापारिक, धार्मिक और सामरिक महत्व का शहर टनकपुर
उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल की मंडी है टनकपुर, चम्पावत और पिथौरागढ़ का प्रवेशद्वार. शारदा नदी के तट पर बसा टनकपुर कभी एक छोटा सा गाँव हुआ करता था जो अपनी भूराजनीतिक स्थिति की वजह से एक बड़ी मंडी... Read more
उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल में चैत्र नवरात्र में मनाया जाने वाला त्यौहार है चैतोल. मुख्यतः पिथौरागढ़, चम्पावत जिलों के विभिन्न हिस्सों में मनाये जाने वाले इस त्यौहार के स्वरूप में स्थान के अनु... Read more
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