नामवर सिंह: साहित्यिक-वाचिक परंपरा के प्रतिमान
Posted By: Sudhir Kumaron:
‘तुम बहुत बड़े नामवर हो गए हो क्या.’ नामवर का नाम एक दौर में असहमति जताने का एक तरीका बनकर रह गया था. वक्ता को हैसियत-बोध कराने का मुहावरा. किंवदंती बनने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल... Read more
हिन्दी साहित्य के सम्पूर्ण इतिहास पर एक शानदार पुस्तक की जरुरत आज भी जस की तस है. एक नाम जो यह काम करने में सक्षम था वह था नामवर सिंह. 92 बरस की उम्र में देर रात नामवर सिंह का निधन हो गया. अ... Read more
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