गुप्तकाशी के देवर गांव का सहज जनजीवन
हम शंकित हैं कि इससे पहले सांझ सूरज को अपने पल्लू में ढांपकर सुला दे या फिर बारिश दोनों को ही गीलेपन का जाज़िम ओढ़ा दे. हमसे कैंप में कहा गया है कि हम देवर गांव होकर आ जायें. दरअसल बारिशें ब... Read more
ऋग्वेद के शम्बर प्रसंग के अनुसार बाणासुर हिमालय में रहने वाले एक असुर थे. वायुपुराण में शतश्रृंग पर्व पर असुरों के 100 पुरों (किलों) का उल्लेख मिलता है. रामायण, महाभारत और अन्य पुराणों के कई... Read more
गुप्तकाशी: जहाँ शिव गुप्तवास पर रहे
उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले में बसा है (Guptkashi) गुप्तकाशी. यह क़स्बा केदारघाटी में मन्दाकिनी नदी के सुन्दर तट पर बसा है. कर्णप्रयाग, गौचर, रुद्रप्रयाग और अगस्त्यमुनि होते... Read more
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