समाज

‘धूर्त सिपाही’ कुमाऊनी लोककथा

आहा तो हुआ जेठ के महीने की चटक धूप लगी हुई थी. सफ़र में निकला एक सिपाही भूखा और प्यासा एक घर में पहुंचा जहां एक महिला दिन का खाना बना रही थी. महिला का आदमी लकड़ी लेने जंगल गया हुआ था. सिपाही ने महिला से कहा- मुझे खाने को कुछ खाना दे दो.
(Sly Soldier Kumaoni Folk Stories)

मैं कहां से तुम्हारे लिये खाना लाऊं मेरे पास कुछ नहीं है, महिला ने जवाब दिया.

सिपाही ने कहा- यहां आते हुये मैंने रास्ते में एक बड़ी ग़जब की चीज देखी. अठारह लो एक आम को कंधे में डंडों के सहारे ले जा रहे थे. वह आम इस घर के बराबर बड़ा था.

तुमने कहां देखा? महिला ने सवाल किया.

सिपाही ने उसके घर से एक मील की दूरी की ओर ईशारा किया. महिला ने उससे कहा- भाईजी तुम मेरे घर का ध्यान रखना मैं दौड़कर जाती हूँ और वह ग़जब का आम एकबार देख आती हूं.

सिपाही ने हामी में गर्दन हिलाई और महिला भागकर ग़जब का बड़ा आम देखने चली गयी. उसके जाते ही सिपाही घर के अंदर चला गया और महिला द्वारा तैयार खाना खाने बैठ गया. अभी सिपाही ने खाना आधा ही खाया था कि महिला का पति लकड़ी लेकर घर पहुंच गया. उसने सिपाही से पूछा- तुम कौन हो? सिपाही ने जवाब दिया- एक यात्री हूँ.

और मेरी पत्नी कहाँ है? महिला के पति से सिपाही से सवाल किया. सिपाही ने कहा- कुछ देर पहले एक आदमी यहां आया था उसने तुम्हारी पत्नी को ईशारा किया और वह उसके साथ चली गयी.
(Sly Soldier Kumaoni Folk Stories)

चली गयी, कहाँ चली गयी? आदमी ने घबराकर सिपाही से पूछा. धूर्त सिपाही ने जिस ओर महिला गयी थी उसी ओर ईशारा कर कहा- उस ओर गये दोनों.

महिला और उसका पति जब तक मिलते सिपाही ने आनन्द से उनका भोजन कर लिया. जब दोनों पति पत्नी लड़ते-लड़ते घर पहुंचे तब तक सिपाही उनके घर से खाना खाने के अलावा कीमती सामान लेकर भी फरार हो चुका था. आदमी ने अपनी पत्नी से कहा- तू दूसरे आदमी के साथ गयी तब यह सब हुआ. ऐसा कहते हुये वह अपनी पत्नी को पीटने लगा.

महिला जोर-जोर से चिल्लाते हुये रोने लगी. गांव से निकलते हुये सिपाही ने जब उसकी आवाज सुनी तो वह रुक गया. आस-पास के गांव वालों से उसने कहा- शिव-शिव बड़ा बुरा हुआ बेचारी के साथ. बेचारी का बेटा मर गया.

यह सुनकर गांव वाले सकते में आ गये और रोने लगे. शिव-शिव राम-राम कहते हुये गांव के लोग महिला के घर की ओर जाने लगे और कहने लगे- बहुत बुरा हुआ तुम्हारे साथ तुम्हारा बेटा मर गया… महिला और उसके पति को बड़ा गुस्सा आया दोनों अब गांव वालों पर चिल्लाने लगे. खूब जोर जोर से हल्ला होने लगा. सब लोग कुछ समझ पाते धूर्त सिपाही गांव से भाग खड़ा हुआ.
(Sly Soldier Kumaoni Folk Stories)

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

-काफल ट्री फाउंडेशन

Support Kafal Tree

.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बर्फ ही नहीं हरियाली भी गायब हो रही है हिमालयी इलाकों से

हिमालय को आमतौर पर बर्फ़, जंगल और हरियाली का प्रतीक माना जाता है, लेकिन एक…

4 days ago

उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास

उत्तराखंड क्रिकेट ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया. राज्य की टीम ने जमशेदपुर…

4 days ago

उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर

लेखे के नये लाल बैग से निकला निर्मल बजट उत्साह संवर्धन नीति का पिटारा लाया…

1 week ago

बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’

कोटद्वार में बाबा की दुकान का नाम बदले जाने और बजरंग दल से भिड़ने वाले…

1 week ago

कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?

पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा भगवान लकुलीश को भारतीय शैव परंपरा के विकास में एक अत्यंत…

1 week ago

कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?

नारायण आश्रम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में धारचूला से ऊपर, ऊँचे पहाड़ों और गहरी घाटियों…

1 week ago