समाज

कुमाऊनी जागर शैली में शिव सती विवाह की कहानी

1937 में जन्मे मार्क गैबेरिओ दर्शन, अरब और इस्लाम पर अपने अध्ययन के लिये जाने जाते हैं. 1963 में मार्क नेपाल में आये. नेपाल में 1967 तक उन्होंने फ्रेंच भाषा पढ़ाने का काम किया. नेपाल में रहने के दौरान ही उनका रुझान मानव विज्ञान की ओर बढ़ा. 1968 से मार्क गैबेरिओ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओरिएंटल लैंग्वेजेज एंड सिविलाइजेशन में सिविलाइजेशन ऑफ़ नेपाल पढ़ाना शुरू किया. नेपाल में रहकर साल 1972 तक मार्क ने बतौर लेक्चरर काम किया.
(Shiv Sati Vivah Jagar)

साल 1993 में मार्क ने भारतीय उपमहाद्वीप में मुस्लिमों पर अध्ययन करने वाले दल के निदेशक रहे. 1995 से 2001 तक मार्क गैबेरिओ  सेंटर फॉर इंडियन एंड साउथ एशियन स्टडीज के निदेशक थे. इस तरह मार्क का पूरा जीवन गहन अध्ययन और शोध में बीता.

1963 से 1975 के बीच किये अपने अध्ययन के दौरान मार्क ने कुमाऊं का भी दौरा किया. मार्क साल 1970 में कुमाऊं दो बार आये. अपने छोटे-छोटे प्रवासों में मार्क कुमाऊं के लोक कलाकारों से मिले और उनका संगीत रिकार्ड किया. 1970 में रिकार्ड इन गीतों के साथ मार्क गीतकार नाम जोड़ते हैं कुछ जगह गीतकार स्वयं अपना परिचय भी देते हैं. मार्क के इसी शोध कार्य से सुनिये शिव सती विवाह की जागर.
(Shiv Sati Vivah Jagar)

शिव सती विवाह की इस जागर का गायन मोतीराम जी कर रहे हैं. इस जागर के दौरान बजाया जाने वाला हुड़का भी उनके द्वारा ही बजाया गया है. मोतीराम जी बिनसर के अल्मोड़ा के रहने वाले हैं. मोतीराम जी ने यह जागर गायन 24 नवम्बर 1970 को किया. मार्क ने मोतीराम की जाति कुम्हार बताई है कुम्हार जाति समूह को वह अनटचेबल सामाजिक समूह में दर्ज करता करता है.

अपने नोट में मार्क दर्ज करता है कि जागर गायक हुड़के की थाप पर गायन शुरु करता है. उसकी मदद के लिये दो अन्य व्यक्ति भी वहां मौजूद होते हैं जो हर एक छंद के अंत में उसके साथ भाग लगाते हैं. जागर की शुरुआत भारत गायन (महाभारत के प्रसंग) के साथ होती है.  
(Shiv Sati Vivah Jagar)

फिलहाल यहां सुनिये कुमाऊनी जागर शैली में शिव सती विवाह की कहानी :  

काफल ट्री फाउंडेशन

Support Kafal Tree

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

उत्तराखण्ड में वन्य-जीवों का आतंक

10 मार्च 2026 को ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड के वन मंत्री ने विधानसभा…

2 days ago

उनके बारे में जो सिर्फ नाम नहीं जीवन हैं

गोविंदा, रघु, रामकली, चंदा, कृष्णा दा, सूर्या... नाम नहीं जीवन हैं कई दिनों से राजधानी…

2 days ago

उत्तराखण्ड के आयुष के हाथ में दिल्ली की रणजी टीम की कमान

विश्व क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली भी अब टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग निवासी आयुष बड़ौनी…

2 days ago

उत्तराखण्ड की उन्नति शर्मा ने देश का गौरव बढ़ाया, कॉमनवेल्थ -26 में जीता कांस्य

उत्तराखंड की एक और बेटी ने फिर दुनिया में देश का नाम रोशन किया है.…

2 days ago

बचपन से छीन ली गई बचपन की तस्वीर

यह दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत तस्वीर है. इस से पहले मैंने ऐसी तस्वीर नहीं देखी,…

3 days ago

खसों पर हुए वैज्ञानिक अध्ययन

डीएनए, आनुवंशिकी और मानवशास्त्र की दृष्टि से एक वैज्ञानिक समीक्षा भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में यदि…

5 days ago