समाज

उत्तराखण्ड की नमकवाली का मशहूर पिस्यूं लूण

देश दुनिया के लोगों ने देखा होगा केवल सफ़ेद नमक. लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ों में रहने वाले लोगों ने नमक का एक स्वादिष्ट रूप जरुर देखा होगा जिसे स्थनीय भाषा में पिस्यूं लूण कहते हैं. आज मिलिये उत्तराखंड की ऐसी ही नमकवाली से जो देश और दुनिया में उत्तराखंड के पिस्यूं लूण को लोकप्रिय बना रही हैं.

रेखा कोठारी तीन बच्चों की मां हैं. देहरादून में रहती हैं. बेहद विनम्र स्वभाव की रेखा कोठारी अपने बारे में बताती हैं कि मूल रूप से मैं चम्बा घाटी के झूल गांव की रहने वाली हूं. बीस साल पहले मेरी शादी हो गयी थी सो फिलहाल देहरादून में रहती हूं.

फोटो : Uttarakhand Tourism की इंस्टाग्राम प्रोफाइल से साभार.

मैं शादी से पहले से ही महिला नवजागरण समिति से जुड़ी हुई थी. संस्था के माध्यम से ही मैंने बहुत कुछ सीखा था. उन दिनों मैं लक्ष्मी आश्रम कौसानी ट्रेनिंग के लिये जाती तो साथ में पीसा हुआ नमक भी ले जाती. वहां शशि बहुगुणा दी और अन्य लोग मेरे नमक की खूब तारीफ़ करते. शशि दी आश्रम में आये लोगों को भी मेरा बनाया नमक देती थी. मुझे यह नमक बनाना मेरी मां ने मुझे सिखाया था जिसे मैं अपनी बेटी को भी सीखा रही हूं.

बेहद सौम्य स्वभाव की रेखा अपनी प्रेरणा के संबंध में पूरा श्रेय महिला नवजागरण समिति को देती हैं. वह बताती हैं हैं महिला नवजागरण समिति 1982 से महिला सशक्तिकरण का काम कर रही हैं. रेखा बताती हैं कि

पिछले साल शशि दी, नवेन्दू रतूड़ी जी आदि के कहने पर हमने अपनी संस्था की ओर से पिस्यूं लूण बाजार में बेचना शुरू किया. इसमें मेरा काम केवल नमक बनाने का है जिसे में सिल्बटे में पीसकर बनाती हूं. मैं इस नमक को बनाने में दस के आस-पास की सामाग्री मिलाती हूँ. इसकी पैकेजिंग, मार्केटिंग आदि का काम संस्था ही देखती है.

हम इसे 50 ग्राम, 100 ग्राम, 200 ग्राम आदि के पैकेट बनाकर बेच रहे हैं. अभी तो हम इसे 700 किलो प्रति ग्राम के दाम पर दिल्ली, बैंगलौर, पुणे, मुम्बई आदि शहरों में ऑनलाइन माध्यम से भी बेच रहे हैं.

भविष्य के संबंध में काफल ट्री से बात करते हुये रेखा बताती हैं कि यदि इसकी मांग बड़ती हैं तो हमारी संस्था इसमें और महिलाओं को इसमें शामिल कर इसे स्वरोजगार की मजबूत मिसाल के रूप में पेश करेगी. हम हमारी संस्कृति में विलुप्त हो चुकी ऐसी चीजों को लोगों के सामने लाकर इससे पहाड़ की महिलाओं जोड़ उन्हें स्वरोजगार दिलाना चाहते हैं.

इस नमक को आप namakwali इंस्टाग्राम अकाउंट प्रोफाइल पर मैसेज कर आर्डर कर सकते हैं.  पिस्यूं लूण की कुछ तस्वीरें देखिये : 

सभी फोटो नमकवाली इंस्टाग्राम प्रोफाइल से साभार ली गयी है.

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Girish Lohani

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