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1 Comments

  1. Chaitanya

    बहुत सुंदर और विचारणीय लेख। लेकिन एक चीज़ खटकी। आप कहते हैं “जाहिर है कि भारत में जितने भी राजा हुए अमूमन क्षत्रिय वंश के थे”। यह एक आम भ्रांति है। वास्तव में भारत के इतिहास में ज़्यादातर शूद्र राजा रहे हैं। ये अलग बात है कि राजा बनने के बाद वह क्षत्रिय या राजपूत कहलाए। अभी भी हमारे राजे महाराजे जैसे सिंधिया गायकवाड़ होलकर भांजदेव आदि जाति से क्षत्रिय नहीं हैं कर्म से हैं।

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