Featured

कपकोट के ईश्वरी भगवती माता मन्दिर में बैल पर विराजमान रहती है माता

सरयू नदी के तट पर बसा कपकोट बागेश्वर जिले की एक तहसील का नाम है. बागेश्वर मुख्यालय से कपकोट की दूरी लगभग 25किमी होगी. क्षेत्रफल के आधार पर यह बागेश्वर जिले की सबसे बड़ी तहसील है.

ओकले ने अपनी किताब होली हिमालया में कपकोट का जिक्र करते हुए लिखा है कि 20वीं शताब्दी के शुरुआत में कपकोट लंदन मिशनरी सोसाइटी का स्टेशन था जहां मिशनरी द्वारा एक विद्यालय तथा डिस्पेंसरी का संचालन किया जाता था. एटकिंसन ने भी अपनी पुस्तक हिमालयन गजेटियर में कपकोट का विस्तृत वर्णन किया है.

पनौरा स्थित ईश्वरी भगवती माता का मंदिर

कपकोट तहसील में ही सरयू नदी के तट पर एक गांव है पनौरा. पनौरा गांव में स्थित है ईश्वरी भगवती माता का मन्दिर. ईश्वरी भगवती माता का मन्दिर का यह मंदिर सरयू के तट पर स्थित है. इस मंदिर में ईश्वरी भगवती माता का मन्दिर की पूजा आदि शक्ति के रूप में की जाती है.

कपकोट तहसील के मुख्यालय से ईश्वरी भगवती माता मन्दिर की दूरी लगभग दो किमी की है. मंदिर के संबंध में यह मान्यता है कि ईश्वरी भगवती माता मन्दिर की स्थापना आदिकाल में हुई थी.

बैल पर विराजती हैं ईश्वरी भगवती माता

ईश्वरी भगवती माता मन्दिर में नागराज वासुकी को ईश्वरी भगवती माता का सेवक माना जाता है. ईश्वरी भगवती माता का मन्दिर के विषय में एक प्रमुख बात यह है कि यहां माता का वाहन बैल है. यहां माता बैल पर ही विराजती हैं.

ईश्वरी भगवती माता मन्दिर में सरस्वती और लक्ष्मी के मंदिर भी स्थित हैं. मंदिर के दक्षिण भाग में भैलुवा देव का मंदिर भी स्थित है.

कुछ वर्ष पूर्व तक यहां माता का छोटा सा मंदिर था. पनौरा गांव के ग्रामीणों से आपसी सहायता से यहां एक भव्य मंदिर का निर्माण किया है. नदी के तट पर स्थित होने के कारण यह मंदिर और अधिक सुकून देने वाला है.

चैत्र और आश्विन महिने की नवरात्र में ईश्वरी भगवती माता मन्दिर में भक्तों की भीड़ लगी रहती है. माना जाता है कि सरयू के तट पर स्थित इन गावों में माता के आशीर्वाद से प्रति वर्ष अच्छी खेती होती है.

-काफल ट्री डेस्क

वाट्सएप में काफल ट्री की पोस्ट पाने के लिये यहाँ क्लिक करें. वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री के फेसबुक पेज को लाइक करें : Kafal Tree Online

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में बसती है शिव की मानस पुत्री

कामनापूर्ति मैया कोटगाड़ी भगवती का मंदिर

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा

बड़ी पुरानी बात है. पांडु राजा के पाँच पुत्र थे, पांडव और धृतराष्ट्र के सौ…

1 week ago

दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है

हमारे इलाक़े में लंगड़ा आम अमूमन इन्हीं दिनों यानी जून के तीसरे-चौथे हफ़्ते में सलीके…

1 week ago

उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी

पिछली कड़ी : एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता हिमालय को जानने समझने व…

3 weeks ago

एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!

आम तौर पर एक उम्र के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त, बेबस…

3 weeks ago

रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन

पहाड़ों में जीवन हमेशा प्रकृति के साथ जुड़कर चला है. यहाँ जंगल सिर्फ पेड़ों का…

3 weeks ago

हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी

इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान…

1 month ago